नई मांओं के लिए अच्छी खबर: पब्लिक में दूध पिलाना आसान हो गया है

वैसे तो हर औरत को कहीं भी स्तनपान कराने की छूट होनी चाहिए, पर कुछ लोग इसमें अश्लीलता खोज लेते हैं.

कोच्ची मेट्रो ने मिसाल कायम करने वाला काम किया है. कोच्ची मेट्रो रेल लिमिटेड ने अपने मेट्रो स्टेशंस पर ब्रेस्टफीडिंग बूथ बनवाए हैं. अभी ये अलुवा स्टेशन पर सबसे पहला बूथ शुरू हुआ. बाकी एडापल्ली, लिस्सी, और एम जी रोड पर भी ये बूथ खुलेंगे.

इन बूथ्स को खोलने में एक स्टार्ट अप ‘I Love 9 Months’ और एक प्राइवेट हॉस्पिटल ने मिलकर कोच्ची मेट्रो का साथ दिया. एक बूथ की लागत तकरीबन 1.5 लाख रुपए है. इंटरेस्टिंग बात ये है कि जिस स्टार्ट अप ने इसमें काम किया है, उसकी सारी फाउंडर्स औरतें हैं.

breastfeeding-booth_750x500_021119010959.jpgतस्वीर साभार: इंडियन एक्सप्रेस

इन बूथ्स को बनवाने के पीछे आइडिया ये है कि ट्रेन का इस्तेमाल करने वाली महिलाएं आराम से अपने बच्चों को दूध पिला सकें. इन बूथ्स में बैठने की जगह भी बनवाई गई है.

कोच्ची मेट्रो के मैनेजिंग डिरेक्टर मोहम्मद हनीश ने इस मौके पर रिपोर्टर्स को बताया,

‘हम जो मैसेज भेजना चाह रहे हैं, वो बहुत ही आसान है: हमारे समाज में औरतों के लिए सुरक्षित और हाइजीनिक जगहें ज्यादा से ज्यादा बनाने की ज़रूरत है. ये काम हमने इसलिए किया है क्योंकि मांओं के लिए पब्लिक प्लेसेज में अपने बच्चों को दूध पिलाना बहुत मुश्किल होता है. हम पहले चार स्टेशंस में इनको लांच करने के बाद फीडबैक लेंगे और फिर उसके बाद इनको बाक़ी के स्टेशंस तक फैलाने के बारे में सोचेंगे’.

breastfeedinng_750x500_021119011110.jpgदूध पिलाने को लेकर अभी भी झिझक देखी जा सकती है. शहरों में भी किसी तरह कम नहीं है ये

I Love 9 Months की फाउंडर्स में से एक गंगा राज ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में बताया,

'दूध पिलाने वाली मांओं के लिए सबसे चुनौती भरा काम होता है पब्लिक स्पेस में फीड कराना. जब वो ट्रेवल कर रही होती हैं तब ये और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है. इस वजह से ये पॉड्स एक सेफ, प्राइवेट जगह हैं किसी भी मां को अपने बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने के लिए. ट्रेन बोर्ड करने के ठीक पहले, उसके पास ऑप्शन है कि वो अपने बच्चे को दूध पिला ले और फिर ट्रेन पकड़ ले. हम मां और बच्चे दोनों के लिए ट्रेवलिंग आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं’.

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