'ये रिश्ते हैं प्यार के' की मिष्ठी ने बता दिया कि रिश्ता तोड़ना सिर्फ लड़के का अधिकार नहीं है

रिश्ता तोड़ना एक लड़की का हक क्यों नहीं?

एक टीवी सीरियल का स्क्रीनशॉट

कई बार रिश्ते तय होते हैं और टूट भी जाते हैं. वजह जरूरी नहीं कि लड़के या लड़की या उनके परिवारों में कोई कमी ही हो. कई बार सब सही होने के बाद भी चीज़ें वर्क नहीं करतीं. ऐसे में अच्छा यही होता है कि समय रहते इस रिश्ते से मना कर दिया जाए. मिष्ठी ने भी यही किया.

टीवी पर इन दिनों एक सीरियल आता है. ये रिश्ते हैं  प्यार के. मिष्ठी इसकी लीड कैरेक्टर है. उसकी शादी होने वाली थी लेकिन तिलक के दिन उसने शादी करने से इनकार कर देती है. वो अपने मंगेतर कुनाल से कहती है-

'रिश्ता वहां होता है, जहां भरोसा हो, ट्रस्ट हो. वहां नहीं, जहां अपना हर प्वाइंट प्रूफ करना पड़े. कुनाल मेरे लिए सही लाइफ पार्टनर नहीं है, इसलिए मैं ये रिश्ता तोड़ रही हूं.'

कहानी में थोड़ा पीछे चलते हैं. शादी तय होने के बाद कुनाल और उसके परिवार वाले चाहते थे कि मिष्ठी अपनी जॉब छोड़ दे. मिष्ठी ऐसा नहीं चाहती थी. वो अड़ी रही. तो ससुराल वालों को उसकी बात माननी पड़ी. ससुराल वाले चाहते थे कि तुरंत शादी हो जाए पर नए रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले मिष्ठी कुनाल को जानना चाहती थी. बड़ी मुश्किल से उसे थोड़ा टाइम दिया गया.

अब ये जो टाइम मिला था उसमें कुनाल को समझने के लिए मिष्ठी उससे बात करने की कोशिश करती. लेकिन कुनाल जो एक कंपनी का मालिक है, उसके पास समय ही नहीं था. कभी-कभी वो दोनों मिलते पर आधी-अधूरी ही बात हो पाती. बात कम होती और गलत फहमियां ज्यादा. मिष्ठी ने कई बार चीजें सही करने की कोशिश की, पर नहीं हुईं. कुनाल का कहना था कि उसने शादी के लिए वक्त देने की उसकी बात मानी, नौकरी करने दे रहा है तो मिष्ठी को भी उसकी हर बात माननी चाहिए. मिष्ठी को ये सही नहीं लगा. उसे लगा कि दोनों की गाड़ी तो किसी भी बात पर एक पटरी पर आती ही नहीं है ऐसे में तो बेहद मुश्किल होगी साथ रहने में. तो उसने शादी तोड़ने का फैसला कर लिया. 

misthi-4_750x500_060619124129.jpgअपने परिवार के साथ मिष्ठी.

लेकिन असल जिंदगी में कितनी लड़कियां इतनी हिम्मत कर पाती हैं? मन नहीं मिलने पर भी शादी कर लेती हैं. इस उम्मीद में कि बाद में सब ठीक हो जाएगा. अपने पैरेंट्स की इज्जत और न जाने किन-किन बातों की टेंशन लेकर वो शादी के लिए मना नहीं कर पाती हैं. क्योंकि शादी टूटते ही परिवार की इज्जत बीच में आ जाती है. भले ही लड़की ने दोनों का भविष्य देखकर ही ये कदम उठाया हो पर लड़केवालों का मेल ईगो सामने आ जाता है. लेकिन इसके उलट अगर लड़के को कुछ सही नहीं लगता तो वो बिना सोचे रिश्ता तोड़ने का फैसला कर लेता है.

अगर शादी के पहले लड़का, लड़की से हर बात का प्रूफ मांगेगा, उस पर शक करेगा, उसकी बात नहीं सुनेगा, फिर आए दिन मिस अंडरस्टैंडिंग होगी, झगड़ा होगा. तो ऐसे में उस लड़की को शादी के लिए हां क्यों बोलनी चाहिए? जब शादी के पहले ही इतनी दिक्कत है. तो बाद में क्या ये सब नहीं होगा?

इसलिए मिष्ठी ने भी जो किया, ठीक किया. उसके परिवार वालों को भी उसके इस कदम से कोई दिक्कत नहीं है और न ही उसे इस बात का कोई अफसोस है. 

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