पहले लगा प्रेगनेंट है, फिर लगा पेट ख़राब है, जांच में पता चला थी ये भयानक बीमारी

ऐसा आपके साथ न हो, इसलिए कुछ बातें गांठ बांध लीजिए.

सरवत फ़ातिमा सरवत फ़ातिमा
मार्च 28, 2019
(फ़ोटो कर्टसी: Pixabay)

49 साल की जोज़ेफ़ीन क्लिंटन अमेरिका की रहने वाली है. आजकल ख़बरों में छाई हुई है. आपके लिए भी जोज़ेफ़ीन के बारे में जानना बहुत ज़रूरी है. क्यों? क्योंकि जो जोज़ेफ़ीन के साथ हुआ वो किसी भी औरत के साथ हो सकता है.

तो हुआ कुछ यूं. जोज़ेफ़ीन कई समय से मां बनने की कोशिश कर रही थी. पर सफ़ल नहीं हो पा रही थी. वो IVF भी ट्राई कर चुकी थी. फ़िर एक दिन अचानक उसका पेट बढ़ने लगा. जोज़ेफ़ीन के दोस्तों को लगा वो प्रेगनेंट है. उन्होंने उसे प्रेग्नेंसी टेस्ट लेने के लिए कहा. जोज़ेफ़ीन ने घर पर प्रेग्नेंसी टेस्ट लिया. वो नेगेटिव निकला. यानी वो प्रेगनेंट नहीं थी. फिर भी उसका पेट बढ़ना बंद नहीं हुआ.

अजीब बात ये थी कि जोज़ेफ़ीन का वज़न गिर रहा था. पैर, हाथ, बाज़ू, चेहरा, और शरीर के निचले हिस्से से वो लगातार वेट लूज़ कर रही थी. हालत ये हो गई थी कि जोज़ेफ़ीन के हाथ और पैर लकड़ी जैसे पतले हो गए थे. पर पेट फिर भी लगातार बढ़ता जा रहा था. एक्सरसाइज करने के बावजूद भी वो घट नहीं रहा था.

तब जोज़ेफ़ीन को कुछ गड़बड़ लगा. इसलिए एक दिन ख़ुद को दिखाने वो अस्पताल पहुंच गई. तुरंत तो डॉक्टर्स को भी दिक्कत पकड़ने में मुश्किल आई. वो इसलिए क्योंकि जोज़ेफ़ीन को जो लक्षण महसूस हो रहे थे, वो आमतौर पर इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम के थे. ये बहुत आम बीमारी है.

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(फ़ोटो कर्टसी: Pixabay)

ये आंतों की बीमारी होती है. इसमें पेट में ज़बरदस्त दर्द होता है, पेट निकला रहता है, गैस बनती है, कब्ज़ रहता है, और डायरिया की भी शिकायत होती है.

एक अंग्रेज़ी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में जोज़ेफ़ीन ने बताया:

“मैंने ख़ुद को अस्पताल जाकर दिखाने का फ़ैसला किया. मुझे वहां स्कैन के लिए लेकर गए. स्कैन के बाद मुझे बताया कि मेरे पेडू के अंदर कुछ मांस नुमा चीज़ है. मुझे शॉक लग गया. क्योंकि मैं तो ये सोचकर गई थी कि हो सकता है मेरा पेट खराब हो या मुझे कब्ज़ की दिक्कत हो.”

दरअसल, जिसे जोज़ेफ़ीन प्रेग्नेंसी या पेट की ख़राबी समझ रही थी वो बॉर्डरलाइन ओवेरियन ट्यूमर निकला. वो भी दो. एक सेब जितना बढ़ा था. दूसरा अंगूर जितना.

अब ये बॉर्डरलाइन ओवेरियन ट्यूमर क्या होता है?

ये जानने के लिए हमने बात की डॉक्टर अर्पिता श्रीवास्तव से. वो फ़ोर्टिस मुंबई में स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं. उन्होंने बताया:

“कुछ टिश्यू हमारी ओवरीज़ को कवर करते हैं. जब इन टिश्यू के अंदर एब्नार्मल तरह के सेल्स बनने लगते हैं, तो उसे बॉर्डरलाइन ओवेरियन ट्यूमर कहते हैं. पर बहुत घबराने की बात नहीं है. बॉर्डरलाइन मतलब ये ग्रोथ कैंसर में तब्दील नहीं होती. और सर्जरी की मदद से आसानी से हटाया जा सकता है.”

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(फ़ोटो कर्टसी: Pixabay)

इसके क्या लक्षण होते हैं?

- पेट के निचले में सूजन आती है

- दर्द या प्रेशर महसूस होना

- सेक्स के दौरान और बाद में दर्द महसूस होना

- वजाइना से खून आना. पीरियड्स से इसका कोई लेना-देना नहीं होता.

वापस जोज़ेफ़ीन पर आते हैं. लगभग दो महीने बाद डॉक्टर्स ने सर्जरी की मदद से ट्यूमर हटा दिया. साथ ही ये भी कहा कि वो बहुत लकी थी. अगर वो ये ट्यूमर टाइम रहते नहीं निकलवाती तो कहानी कुछ और होती.

अब जोज़ेफ़ीन ठीक है. पर उसके पास सारी औरतों के लिए एक ख़ास मैसेज है. जोज़ेफ़ीन को लगता है कि उसकी कहानी बाकी औरतों के लिए सबक है. वो ज़्यादातर अपने शरीर पर ध्यान नहीं देतीं. कोई बीमारी हो तो उसके लक्षणों को भी हमेशा सीरियसली नहीं लेती, जब तक हालात एकदम बदतर न हो जाएं. ख़ुद ही कोई न कोई घर पर जुगाड़ कर लेती हैं. या तो अपने आप कोई बीमारी गेस कर लेती हैं. बॉर्डरलाइन ओवेरियन ट्यूमर और इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम के कई लक्षण एक जैसे होते हैं. जैसे पीठ में दर्द. शरीर में सूजन. और और बार-बार टॉयलेट जाने का मन बनना. पर दोनों एक-दूसरे से बहुत अलग हैं. ज़रूरी है लक्षणों पर ध्यान दिया जाए.”

बिल्कुल सही कहा जोज़ेफ़ीन ने!

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