लड़कियों में कैल्शियम की कमी क्यों होती है और इससे कैसे निपटें

अगर कैल्शियम की गोलियां भी कमी पूरी न कर पाएं तो ये करें.

सरवत फ़ातिमा सरवत फ़ातिमा
अगस्त 20, 2019
(फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर)

अभी दो-तीन दिन पहले की बात है. मेट्रो में दो लड़कियों को आपस में बात करते सुना. कह रही थीं कि कई सालों से कैल्शियम की कमी है. दो सालों से कैल्शियम की गोलियां भी खा रही हैं, फिर भी कोई फ़ायदा नहीं. मुझे अपनी मम्मी की बात याद आ गई. वो मुझे दूध पीने की सलाह देती रहती हैं. उनके मुताबिक, अगर मैं ऐसा नहीं करूंगी तो मुझमें कैल्शियम की कमी हो जाएगी. उनका डर जायज़ भी है. हिंदुस्तान में औरतों को ख़ासतौर पर कैल्शियम की कमी रहती है.

क्यों महिलाओं में कैल्शियम की कमी रहती है?

हमने बात की डॉक्टर लवलीना नादिर से. वो फ़ोर्टिस हॉस्पिटल दिल्ली में स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं. उन्होंने बताया:

‘कैल्शियम की कमी की एक बड़ी वजह है डाइट. हिंदुस्तान में बात जब लड़कियों के खाने की आती है तो उसमें काफ़ी लाहपरवाही होती है. कई लड़कियों को बचपन में दूध नहीं पिलाया जाता. सही पोषण नहीं दिया जाता. इसकी वजह से कैल्शियम की कमी रहती है. मेनोपॉज़ के दौरान तो ख़ासतौर पर औरतों को ज़्यादा कैल्शियम खाना चाहिए. क्योंकि मनोपॉज़ के दौरान एस्ट्रोजेन नाम का हॉर्मोन शरीर में कम हो जाता है. इससे हड्डियां पतली होने लगती हैं. आख़री बात. आमतौर पर लड़कियों को वजाइनल डिस्चार्ज होता है. ये नॉर्मल है. पर इसमें कैल्शियम भी निकलता है. इस डिस्चार्ज में कैल्शियम के साथ सोडियम, पोटेशियम, और मैग्नीशियम भी होता है.’

जिन औरतों में कैल्शियम की कमी होती है, उनकी हड्डियां काफ़ी कमज़ोर होती हैं.

-जिन औरतों की उम्र 40 से ऊपर होती है उन्हें या तो मेनोपॉज़ हो चुका होता है या होने वाला होता है. उनका शरीर कम कैल्शियम सोखता है.

-30 साल के बाद उम्र की वजह से महिलाओं की हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं.

-जो औरतें केवल शाकाहारी खाना खाती हैं उनको कैल्शियम वैसे भी कम ही मिलता है.

-16 से 30 साल की लड़कियां जो डाइटिंग करती हैं या ज़्यादा वेट लूज़ करती हैं, उनमें कैल्शियम की कमी होने की संभावना रहती है.

- अगर शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो कैल्शियम भी कम हो जाता है. क्योंकि विटामिन डी ही शरीर में कैल्शियम सोखने में मदद करता है.

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30 साल के बाद महिलाओं की हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं. (फ़ोटो कर्टसी: Pixabay)

कैल्शियम की कमी से क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं

ऑस्टियोपोरोसिस

ये हड्डियों की बीमारी होती है. हड्डियों का अंदरूनी हिस्सा एक शहद के छत्ते की तरह होता है. उनमें छोटे-छोटे छेद होते हैं. ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से इन छेदों का साइज़ बढ़ता रहता है. इस वजह से हड्डियां पतली होने लगती हैं और कमज़ोर हो जाती हैं.

ऑस्टियोपीनिया

ये एक तरह की कंडीशन होती है. इसमें हड्डियां अंदर से कमज़ोर होने लगती है. ये औरतों में आदमियों के मुक़ाबले ज्यादा होता है. वजह? मेनोपॉज़ के दौरान हॉर्मोन में बदलाव.

हाईपोकैल्शिमिया

ये ज़्यादातर उन औरतों में होता है जिन्हें मेनोपॉज़ होने वाला होता है. उस उम्र में एस्ट्रोजेन नाम के हॉर्मोन में गिरावट आ जाती है. इस वजह से हड्डियां और पतली होने लगती हैं.

कैल्शियम की कमी से कैसे निपटें

कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए आप कई चीज़ें कर सकती हैं. जैसे कैल्शियम की टेबलेट्स खा सकती हैं. पर अगर कैल्शियम की गोलियां असर नहीं करती हैं तो आपके किचन में कई ऐसी चीज़ें पड़ी होती हैं, जिनसे आपको भरपूर कैल्शियम मिल सकता है. इसके अलावा कुछ और हाई कैल्शियम चीजें हैं.

-रागी में भरपूर कैल्शियम होता है. आप अपने खाने में वो शामिल कर सकती हैं. 100 ग्राम रागी में 370 ग्राम कैल्शियम होता है.

-आप सोया भी खा सकती हैं. 100 ग्राम सोयाबीन्स में 175 ग्राम कैल्शियम होता है.

-पालक तो है ही. नहीं पसंद तो भी खाइए. क्योंकि इसमें 90 मिलीग्राम कैल्शियम होता है. पर पालक पकाने से पहले उसे कम से कम एक मिनट तक उबालिए.

-आप अपना खाना नारियल के तेल में भी बना सकती हैं. ये आपके शरीर को कैल्शियम और मैग्नीशियम रीटेन करने मदद करता है.

-आखिरी बात. थोड़ी देर धूप में भी बैठा करिए. बस 20 मिनट बैठना है. विटामिन डी अगर शरीर में हो तो कैल्शियम आसानी से सोक हो जाता है. ये खासकर उन महिलाओं के लिए, जो पूरे दिन एसी दफ्तर में नौकरी करती हैं और धूप से उनका बिलकुल सामना नहीं होता.

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