'सांड की आंख' टीज़र: मेल ईगो और घूंघट प्रथा को 'शूट' करतीं तापसी और भूमि

80 की उम्र पार कर चुकी दो शूटर दादियों की कहानी है ये फिल्म.

लालिमा लालिमा
जुलाई 11, 2019
फिल्म के टीज़र का स्क्रीनशॉट

फिल्म 'सांड की आंख' का टीज़र आ गया है. फिल्म दिवाली पर रिलीज होगी. टीज़र में क्या-क्या दिखाया गया है, वो भी बताएंगे, लेकिन पहले फिल्म की बेसिक डिटेल्स आप जान लीजिए. लीड रोल में हैं तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर. प्रकाश झा, विनीत कुमार और शाद रंधावा भी फिल्म का हिस्सा हैं. फिल्म को डायरेक्ट किया है तुषार हीरानंदानी ने. फिल्म के क्रिएटिव प्रड्यूसर हैं अनुराग कश्यप. फिल्म को रिलायंस एंटरटेनमेंट एंड निधि परमार ने प्रड्यूस किया है.

अब बात करते हैं फिल्म के टीज़र पर. 

- फिल्म दो बुजुर्ग औरतों पर बनी है. यूपी के बागपत जिले के जौहड़ी गांव में रहने वाली देवरानी-जेठानी की असली कहानी है. नाम है प्रकाशी तोमर और चंद्रो तोमर. दोनों 'शूटर दादियों' के नाम से मशहूर हैं. अब जाहिर सी बात है कि फिल्म दो औरतों पर ही बनी है, तो टीज़र में उन्हें जगह देना सबसे ज्यादा जरूरी था. वो 'सांड की आंख' के टीज़र में दिख रहा है. तापसी पन्नू, जो प्रकाशी के रोल में हैं, और भूमि जो चंद्रो के रोल में हैं, टीज़र में काफी दमदार दिख रही हैं.

- टीज़र देखकर लग रहा है, कि फिल्म में 'घूंघट' का रोल भी काफी अहम है. क्योंकि चंद्रो और प्रकाशी की जवानी वाले एक सीन में, दोनों फोटो खिंचाते वक्त अपना घूंघट उठा लेती हैं. तब उनके पति भयंकर गुस्से में उन्हे घूरते हैं. दोनों घूंघट से दोबारा सिर ढक लेती हैं. लेकिन वहीं बुजुर्ग चंद्रो और प्रकाशी जब शूटिंग रेंज पर जाती हैं, तब बिना डरे बड़े शान से घूंघट उठाती हैं. दोनों सीन देखकर लग रहा है, कि फिल्म में चेहरे पर से घूंघट उठाने-हटाने के मुद्दे को भी जगह दी गई है.

saand-ki-aankh-1_750_071119125421.jpgइस सीन में जब प्रकाशी और चंद्रो अपना घूंघट चेहरे से हटाती हैं, तब उनके पति उन्हें घूरते हैं. फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट

- 1.23 मिनट के टीज़र में, घर पर होने वाला ड्रामा भी दिखाने की कोशिश हुई है. एक सीन में घर का एक आदमी, चंद्रो या प्रकाशी (चेहरा दिखा नहीं है, इसलिए क्लीयर नहीं हो सका) दोनों में से किसी के हाथ से मेडल छीनकर जमीन पर फेंक देता है. एकदम तमतमाते चेहरे के साथ. मतलब साफ है, कि घर के मर्द को औरत का बाहर जाकर शूटिंग करना आंख में जमकर चुभा. यानी दोनों औरतों के रास्तों पर घरवाले बड़ा सा कांटा बनकर खड़े हुए होंगे. लेकिन उसके तुरंत बाद वाले सीन में, दोनों औरतें हंसते हुए शूटिंग की प्रैक्टिस करते दिख रही हैं. इसका भी मतलब साफ है, कि मर्दों के गुस्सा होने पर भी दोनों औरतें रुकी नहीं.

टीज़र बहुत ही झन्नाटेदार दिख रहा है. टीज़र में डायलॉग्स ज्यादा नहीं हैं. तापसी का एक, और भूमि का भी एक ही डायलॉग है. वो भी फिल्म का टाइटल ही है. इन दोनों किरदारों के अलावा, विनीत कुमार का किरदार भी काफी मजबूत दिख रहा है. विनीत दोनों दादियों को शूटिंग के गुर सिखाते हुए नज़र आए हैं. एक नई चीज़ हुई है फिल्म में. निशानेबाजी के लिए हमेशा 'अर्जुन को दिखने वाली चिड़िया की आंख' का इस्तेमाल होता है, लेकिन इस फिल्म में तापसी कहती हैं, 'मैं अर्जुन नहीं हूं. मुझे चिड़िया की आंख नहीं दिखती. मुझे तो सांड की आंख दिखती है.'

saand-ki-aankh-5_750_071119125535.jpgशूटिंग रेंज में दोनों दादियां. फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट

मोटामोटी टीज़र को देखकर ये समझ आया है, कि फिल्म में दो औरतों की असल कहानी को दिलचस्प तरीके से दिखाने की काफी सधी हुई कोशिश हुई है. देवरानी-जेठानी में अलग ही तरह का रिश्ता दिख रहा है, दोस्तों वाला. जो कि जनरली कम ही देखने को मिलता है. फिल्म का म्यूज़िक काफी तगड़ा लग रहा है. डायलॉग्स ज्यादा नहीं है, इसलिए ये ठीक-ठीक नहीं बता सकते कि एक्टर्स ने हरियाणवी कैसे बोली है. ट्रेलर से ये बात भी समझ आ जाएगी. फिल्म एक इंस्पायरिंग स्टोरी पर बनी है.

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