श्रद्धा-प्रभास के 'साइको सैंया' गाने में एक बहुत बड़ी दिक्कत है, जो किसी को नहीं दिखी

और इस गाने को देखने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है.

लालिमा लालिमा
जुलाई 06, 2019
'साइको सैंया' गाने का सीन.

एक फिल्म आ रही है 'साहो'. हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा में. 15 अगस्त के दिन रिलीज़ होगी. इसमें हीरो हैं प्रभास, वही 'बाहुबली' वाले. और हिरोइन हैं श्रद्धा कपूर. फिल्म को सुजीत रेड्डी डायरेक्ट कर रहे हैं. अभी पिछले महीने इस फिल्म का टीज़र रिलीज़ हुआ था, और अब इसके एक गाने का टीज़र भी जारी आ गया है. गाने का जो टीज़र रिलीज़ हुआ है, उसे लोग देखे जा रहे हैं. देखने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. लेकिन इस गाने में (जिसका टीज़र आया है) उसमें एक दिक्कत है, नहीं-नहीं डांस या विजुअल्स में नहीं, बल्कि उसके टाइटल में दिकक्त है. क्योंकि उसका टाइटल है, 'साइको सैंया'. और दिक्कत है इसमें इस्तेमाल हुआ 'साइको' शब्द.

दरअसल, 'साइको' वो शब्द है, जिसका इस्तेमाल लोग मानसिक बीमारी से जूझ रहे इंसान के लिए करते हैं. वो भी मजाकिया अंदाज में. खिल्ली उड़ाने के लिए. या फिर अगर कोई व्यक्ति थोड़ी अलग सी हरकत कर देता है, तो उसके लिए कई बार ये बोल दिया जाता है कि 'साइको है क्या?' बहुत ही हल्के में 'साइको' शब्द का इस्तेमाल होता है. जबकि मानसिक बीमारियां भी, दूसरी बीमारियों जितनी गंभीर होती हैं. मानसिक बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को भी उतनी ही केयर की जरूरत होती है, जितनी किसी दूसरी बीमारी का सामना कर रहे व्यक्ति को होती है. लगे तो मानसिक रोग से जूझ रहे व्यक्ति के लिए सोसायटी को और भी ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए.

अभी कुछ दिन पहले ही कंगना रनौत और राजकुमार राव की फिल्म 'जजमेंटल है क्या?' के टाइटल पर विवाद हुआ था. पहले इसका टाइटल था 'मेंटल है क्या?'. जिसका ‘इंडियन साइकिएट्रिक सोसाइटी’ ने विरोध किया था. सेंसर बोर्ड को लेटर लिखकर कहा था कि ये टाइटल मानसिक रोगों से जूझ रहे लोगों का अपमान है. उनका मजाक उड़ाता है. लेटर में लिखा था, 'हमारी सोसाइटी पहले से ही मानसिक रूप से बीमार लोगों का मजाक उड़ाती आई है. ऐसे में इस फ़िल्म के टाइटल और पोस्टर आग में घी डालने का काम कर रहे हैं. इसलिए मेकर्स टाइटल से लेकर हर वो हिस्सा फिल्म से हटाएं, जो किसी मानसिक रूप से बीमार इंसान के अधिकारों का हनन करती है.' जिसके बाद फिल्म का टाइटल बदल दिया गया.

judgemental_070619021203.png'जजमेंटल है क्या' फिल्म का एक पोस्टर. फिल्म 26 जुलाई को रिलीज होगी. फोटो- ट्विटर

ये विवाद कुछ ही महीने पहले का है, और यहां देख लीजिए, एक और नया गाना आ गया. हमने इस मुद्दे पर डॉक्टर एकता सोनी से बात की. ये अपोलो हॉस्पिटल में साइकॉलोजिस्ट हैं. वो कहती हैं,

'लोग मानसिक रोग से जूझ रहे व्यक्ति को हल्के अंदाज में पागल बोल देते हैं. उसी तरह 'साइको' शब्द का इस्तेमाल भी हल्के अंदाज में लोग करते हैं. 'साइको' शब्द 'पागल' शब्द का अंग्रेजी वर्जन है. लोग मजाक उड़ाने के लिए, चिढ़ाने के लिए 'साइको' बोलते हैं. जो कि असल में उन लोगों का अपमान है, जो किसी तरह की मानसिक बीमारी का सामना कर रहे हैं. असल में 'पागल' और 'साइको' शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. क्योंकि ये मजाक उड़ाने जैसा है. क्योंकि मानसिक रोग, एक बीमारी है. तो आप 'साइको-साइको' बोलकर उनका मजाक नहीं उड़ा सकते. ये कुछ शब्द हैं, जो हमारी सोसायटी में बहुत ही हल्के अंदाज में इस्तेमाल किए जाते हैं, जो कि नहीं होना चाहिए. इससे मानसिक बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति का मजाक बनता है. असल में 'साइको' शब्द का कोई अर्थ नहीं है. ये बस मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल होता है. जैसे कोई अजीब सी हरकत करता है, तो उसे साइको बोल देते हैं. ये शब्द क्लिनिकली डायग्नोसिस नहीं है, न वो कुछ और है. ये बस ऐसा है कि जैसे लोग किसी को भी पागल बोल देते हैं, ये उसी तरह है. अपमानजनक शब्द है.'

अब 'साहो' के गाने में श्रद्धा कपूर 'हाय मोरा साइको सैंया...' बोलकर प्रभास से लिपट तो जाती हैं, लेकिन सवाल ये आता है कि 'साइको' शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया? क्या फिल्म में प्रभास का कैरेक्टर किसी मानसिक बीमारी से जूझ रहा है. फिल्म का टीज़र देखकर तो ऐसा नहीं लगता. और अगर ऐसा होता भी, तो इस तरह से उसकी मानसिक स्थिति का मजाक उड़ाना क्या सही होता?

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