4 लड़कों ने 50 लड़कियों का यौन शोषण किया, जांच में पता चला 'पॉलिटिकल कनेक्शन' है

फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर लड़कियों से दोस्ती करते थे.

लालिमा लालिमा
मार्च 25, 2019
लड़कियां समाज के डर से अपनी आपबीती किसी से भी नहीं कहती थीं. प्रतीकात्मक तस्वीर- रॉयटर्स

तमिलनाडु की 19 साल की एक लड़की, जो कॉलेज में पढ़ती थी, उसका एक दोस्त बना फेसबुक पर. दोनों के बीच बातचीत हुई. फिर दोनों ने एक मीटिंग फिक्स की. 12 फरवरी के दिन कॉलेज के लंच ब्रेक के टाइम पर लड़की, अपने दोस्त से मिलने गई. लड़के ने लड़की को अपनी कार में बैठा लिया. उसकी कार के अंदर तीन और लड़के बैठे थे. लड़की के बैठते ही कार चल पड़ी. फिर जिस लड़के ने लड़की को बुलाया था, उसने उसे सेक्सुअली हैरेस करना शुरू कर दिया. बाकी कार में बैठे लड़के इस पूरी वारदात की वीडियो बनाते रहे. बाद में चारों लड़कों ने वीडियो का इस्तेमाल करके, लड़की को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया.

लड़की से पैसे की मांग की. इसके अलावा उस पर दबाव डाला, कि वो इस तरह की और मीटिंग्स उनके साथ करे. लड़की परेशान हो गई. उसने अपने घर पर ये सारी बातें बताईं. लड़की का भाई चारों लड़कों से मिलने गया. उसने चारों से कहा कि वो उसकी बहन का वीडियो डिलीट कर दें. उसने रिक्वेस्ट की. लेकिन उन चारों लड़कों पर कोई असर नहीं हुआ. उल्टा उन्होंने लड़की के भाई को ही डराना-धमकाना शुरू कर दिया. उसके बाद लड़की के परिवार ने इस मामले की शिकायत पुलिस को की.

rtr19q1v-750x500_031319075741.jpgचारों लड़के 20 से 30 की उम्र के थे, फेक फेसबुक प्रोफाइल बनाकर औरतों से बातचीत करते थे. फोटो- रॉयटर्स 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने चारों लड़कों को पोल्लाची से गिरफ्तार किया. यहां ये बता दें कि गिरफ्तारी लड़की के भाई को धमकाने वाले मामले में हुई थी. फिर पुलिस ने लड़कों के मोबाइल जब्त किए. फोन खंगाला, तो एक नई कहानी ही सामने आ गई. कहानी, परेशान करने वाली.

पुलिस ने देखा कि चारों लड़कों के फोन में करीब 50 औरतों और लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो थीं. तस्वीरें और वीडियो, उनके सेक्सुअल हैरेसमेंट की थी. उन औरतों की थीं, जिन्हें इन चारों ने मिलकर सेक्सुअली मोलेस्ट किया था. इस केस से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने, ये सारी जानकारी इंडियन एक्सप्रेस को बताई.

पुलिस ने आगे छानबीन की, तो पता चला कि ये चारों लड़के, जो कि 20 से 30 की उम्र के थे, फेक फेसबुक प्रोफाइल बनाकर औरतों से बातचीत करते थे. ज्यादातर मामलों में, औरतों से बात शुरू करने के लिए ये लोग लड़कियों के नाम पर ही अकाउंट बनाते थे. बातचीत की शुरुआत करने के लिए ये अक्सर ही खुद को लेस्बियन बताते थे, और फिर लड़कियों और औरतों से उनके सेक्सुअल इंटरेस्ट के बारे में जानने की कोशिश करते थे. सेक्स से जुड़ी हुई बातें करते थे. धीरे-धीरे बातचीत को सेक्सुअल टॉक बनाने की कोशिश करते. जब बातें सेक्सुअल मोड़ ले लेतीं, तब फिर वो लोग अपनी असली पहचान उजागर कर देते. फिर औरतों से मिलने की बात कहते. जब औरतें मना करतीं, तब फेसबुक पर हुई चेट वायरल करने की धमकी देने लग जाते. ऐसे में औरतों को मजबूरन उनसे मिलना पड़ता.

rape_750_030819022933-750x500_031319075840.jpgचारों लड़के फेसबुक पर लड़कियों और औरतों से उनके सेक्सुअल इंटरेस्ट के बारे में जानने की कोशिश करते थे. फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट

जब औरतें उनसे मिलने आतीं, तब ये लड़के चलती गाड़ी में, होटल के कमरे में, उनका रेप करते, उन्हें सेक्सुअली मोलेस्ट करते. वीडियो बनाते. फिर ब्लैकमेल करते. चारों लड़के कॉलेज टीचर्स, डॉक्टर्स, कॉलेज स्टूडेंट्स को टारगेट करते थे. पीड़ित औरतें चेन्नई, कोयम्बटूर और तमिलनाडु के बाकी शहरों में रहने वाली हैं.

ज़्यादातर लड़कियां समाज के डर से अपनी आपबीती किसी से भी नहीं कहती थीं. इसी वजह से ये लड़के खुलेआम घूम रहे थे. कई लड़कियों ने पुलिस को इसकी सूचना तो दी लेकिन कोई भी फॉर्मल कम्प्लेंट नहीं थी. बाद में जब इन लड़कों को पकड़ा गया और उन्होंने अपना ज़ुर्म कुबूलते हुए जो कहानी सुनाई, वो उन लड़कियों की कहानियों से पूरी तरह मेल खाती मिली.

इस पूरी कहानी में पॉलिटिकल एंगल भी निकल आया है. मामले की जांच लोकल पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच सीआई को सौंप दी गई थी. इसके कुछ ही घंटों के अंदर तमिलनाडु सरकार ने मामला जांच के लिए सीबीआई को दे दिया.

लेकिन सवाल ये है कि पॉलिटिक्स कहां से घुसी?

हुआ ये कि जिस लड़के ने 19 साल की लड़की के भाई को धमकाया था, उसका नाम है ए नागराज. पुलिस ने ए नागराज को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में बेल पर उसे रिहा कर दिया गया. नागराज की एक तस्वीर AIADMK के एक मंत्री के साथ थी, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी थी. इसके बाद मालूम ये पड़ा कि ए नागराज AIADMK में पदाधिकारी भी है. इसके बाद से राज्य की सत्ता संभालने वाली AIADMK पर विपक्षी पार्टी DMK चढ़ बैठी.

DMK के मुखिया एमके स्टालिन ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार आरोपियों को बचाने में लगी हुई है. 12 मार्च को DMK और बाकी पार्टियों के कई नेता कोयम्बटूर में विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे. तमिलनाडु से एमपी कनिमोझी इस प्रदर्शन को लीड कर रही थीं. इसमें कई महिलाएं भी शामिल थीं. कनिमोझी ने तो यहां तक कहा कि ये केस और महिलाओं के साथ हुई बर्बरता शर्मनाक है, और इन चारों आरोपियों के नेटवर्क ने पिछले 7 सालों में 250 से भी ज़्यादा महिलाओं का रेप किया है.

डीएमके डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी थेंद्रल सेल्वाराज के बेटे थेंद्रल मनिमरान को समन भेजा है. क्योंकि एक आरोपी थिरुनावुकरासु, ने पूछताछ के दौरान मनिमरान का नाम लिया था. इसलिए अब मनिमरान से पूछताछ होगी. उसे 28 मार्च के दिन कोयंबटूर में इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने उपस्थित होने को कहा गया है. इसके अलावा ए नागराज को भी समन किया गया है. बता दें कि नागराज को AIADMK ने सस्पेंड कर दिया है. 

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