भारत का सबसे ऊंचा सम्मान पाने वाली महिलाएं जिन्होंने इतिहास रच दिया

48 भारत रत्न जीतने वालों में से कुल कितनी महिलाएं हैं, जानते हैं आप?

अभिषेक कुमार अभिषेक कुमार
अगस्त 09, 2019
(साभार: इंडिया टुडे)

तारीख 8 अगस्त 2019 की. दिन गुरुवार. देश के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्ति का घर. राष्ट्रपति भवन. एक समारोह आयोजित किया गया था. देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत-रत्न देने के लिए. इस साल तीन विभूतियों को भारत-रत्न दिया गया है.

ये तीन नाम हैं- पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य नानाजी देशमुख और असमिया कलाकार भूपेन हजारिका. नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया. भारत-रत्न पाने वाले लोगों की संख्या कुल 48 हो गई है.

48 की लिस्ट में महिलाएं कितनी हैं? जवाब आप उंगलियों पर गिन सकते हैं. पांच. कौन हैं ये पांच महिलाएं? और किस वजह से इन्हें भारत-रत्न की उपाधि दी गई. जानना चाहते हैं तो आइये हमारे साथ.

1. इंदिरा गांधी

सांकेतिक तस्वीर. (साभार: इंडिया टुडे)इंदिरा गांधी भारत-रत्न पाने वाली पहली महिला थीं.(साभार: इंडिया टुडे)

भारत-रत्न देने की शुरुआत 1954 में हुई थी. किसी महिला को यह सम्मान 1971 में जाकर मिला. 17 बरस बाद. लोक सेवा की फील्ड में. नाम इंदिरा गांधी. देश की पहली महिला प्रधानमंत्री. और अब तक की इकलौती भी. 1966 में ये पद संभाला. 1971 के चुनाव में गरीबी हटाओ के नारे पर चढ़कर फिर से सत्ता में आईं. 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई. इसमें पाकिस्तान की करारी हार हुई. पूर्वी पाकिस्तान को अलग देश बांग्लादेश बना दिया गया. 1999 में बीबीसी ने एक ऑनलाइन पोल करवाया था. इस पोल में इंदिरा गांधी को सदी की सर्वश्रेष्ठ महिला घोषित किया गया था.

2. मदर टेरेसा

(साभार: इंडिया टुडे)मदर टेरेसा को 1980 में भारत-रत्न दिया गया.(साभार: इंडिया टुडे)

दूसरा नाम है मदर टेरेसा का. यूगोस्लाविया में पैदा हुई. 26 अगस्त 1910 को. 1930 में कोलकाता आईं और फिर यहीं की होकर रह गईं. कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए उन्होंने जो किया, लोग उन्हें मदर टेरेसा के नाम से बुलाने लगे. टेरेसा को भारत, एशिया और विश्व का सर्वोच्च सम्मान मिला है. 1962 में रेमन मैग्सेसे. 1979 में नोबेल और 1980 में मिला भारत-रत्न. 1997 में उनका निधन हो गया.

3. अरुणा आसफ़ अली

(साभार: इंडिया टुडे)अरुणा आसफ अली ने भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था.(साभार: इंडिया टुडे)

अरुणा आसफ़ अली. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की अगली पंक्ति की लीडर. अंग्रेज सरकार ने उनके ऊपर इनाम रखा था. लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम रही. 1958 में वो दिल्ली की पहली मेयर बनीं. उन्हें भारत-रत्न 1997 में मिला. मरणोपरांत. 1998 में उनके नाम से डाक टिकट जारी किया गया. दिल्ली में जेएनयू के पास की एक सड़क भी उनके नाम पर दर्ज है.

4. एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी

(साभार: इंडिया टुडे)सुब्बुलक्ष्मी पहली संगीतज्ञ थीं जिन्हें भारत-रत्न से सम्मानित किया गया.(साभार: इंडिया टुडे)

पहली संगीतज्ञ जिन्हें भारत-रत्न का सम्मान मिला. 1998 में. कला के क्षेत्र में. कार्नेटिक संगीत की दिग्गज. उन्हें रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड भी मिल चुका है. पं. जवाहरलाल नेहरू ने उनके बारे में एक बार कहा था- 'मैं कौन हूं, संगीत की महारानी के सामने एक अदना-सा प्रधानमंत्री'. लता मंगेशकर उनको 'तपस्विनी' कहकर बुलाती थीं. 2004 में एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी इस दुनिया से विदा हो गईं.

5. लता मंगेशकर

(साभार: इंडिया टुडे)लता मंगेशकर को 2001 में भारत-रत्न का सम्मान दिया गया था. (साभार: इंडिया टुडे)

भारतीय संगीत की धरोहर. लता मंगेशकर को 2001 में भारत-रत्न दिया गया. कला के क्षेत्र में. 1958 से 1970 तक उन्हें 4 बार फिल्मफेयर का बेस्ट फीमेल सिंगर का अवॉर्ड मिला. 1970 के बाद उन्होंने ये कहकर अवॉर्ड से नाम वापस ले लिया कि नई प्रतिभाओं को मौका मिलना चाहिए. 1962 में भारत की चीन से लड़ाई हुई. देश को हार का सामना करना पड़ा. इस युद्ध में देश के नायकों के नाम एक गीत बना. ऐ मेरे वतन के लोगों. इसे गाया लता मंगेशकर ने. जब इस गाने को उस वक्त के प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने सामने बैठकर सुना. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे थे.

भारत-रत्न 2011 से पहले कला, साहित्य, विज्ञान और लोक सेवा के क्षेत्र में ही दिया जाता था. दिसंबर 2011 में इसमें बदलाव हुआ. अब किसी भी क्षेत्र में असाधारण कार्य करने वाले को भारत-रत्न की उपाधि दी जा सकती है.

जिन्हें भी यह सम्मान मिला, उनकी कहानियां मील का पत्थर हैं. उनकी विरासत देश की थाती है. सुनने और संजोने योग्य.

ये भी पढ़ें: सुषमा स्वराज की जिंदगी को बयां करती 24 अनदेखी तस्वीरें

वीडियो देखें: 

 

लगातार ऑडनारी खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करे      

Copyright © 2019 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today. India Today Group