शादी के दिन क्रिकेट टीम में सिलेक्ट हुई थीं, नहीं खेल पाईं, 28 साल बाद बनीं ICC की रेफरी

ये अंपायर और रेफरी दोनों रह चुकी हैं.

जीएस लक्ष्मी, महिला क्रिकेट की खिलाड़ियों के साथ.

आईसीसी यानी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने मैच रेफरी के अपने पैनल में भारत की जीएस लक्ष्मी को शामिल किया है. वो इस पैनल में जगह बनाने वाली पहली महिला हैं. 2008-09 में घरेलू महिला क्रिकेट मैच हुआ था, जिसमें वह रेफरी थीं. वह 51 साल की हैं. जीएस लक्ष्मी महिलाओं के तीन वनडे इंटरनेशनल और तीन T20 इंटरनेशनल में भी रेफरी रह चुकी हैं. वह इसी साल हुए मेन्स वनडे इंटरनेशनल में भी अम्पायर रह चुकी हैं.

मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में लक्ष्मी ने बताता कि इस उपलब्धि से वह काफी खुशी हैं. उनका मानना है कि इससे उनके लिए नए अवसरों के दरवाजे खुलेंगे. उन्होंने कहा कि भारत में एक क्रिकेटर और मैच रेफरी के रूप में उनका करियर लंबा रहा है. उन्हें उम्मीद है कि वो इस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभा पाएंगी. उन्होंने BCCI और ICC को शुक्रिया कहा.

जब शादी के ही दिन बुलावा आ गया-

जीएस लक्ष्मी की शादी 1991 में हुई थी, जब इन्हें एक फोन कॉल आया रेस्ट ऑफ इंडिया टीम से. पर एक हिंदू परिवार की बहू चाह कर भी शादी के तुरंत बाद कहीं बाहर नहीं जा सकती थी. ठीक ऐसा ही हुआ जीएस लक्ष्मी के साथ. उन्होंने उस समय मना कर दिया कि वो खेलने नहीं जा सकती हैं. कुछ समय के लिए उन्होंने खेलना बंद कर दिया. उसके बाद उन्होंने अपना क्रिकेट करियर शुरू किया. उन्होंने दक्षिण-मध्य रेलवे की टीम में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई और पहली बार अंतर-रेलवे खिताब जीता था. जो उनके खेल के करियर का सबसे यादगार पल था.  

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2004 में वो रिटायर हो गईं. 2008 में BCCI ने पहली बार घरेलू खेलों में महिला रेफरी के तौर पर शुरुआत की. उस समय जीएस लक्ष्मी महिला रेफरी बनीं. 2014 तक उन्होंने कोचिंग की और दक्षिण मध्य रेलवे संभाला. लक्ष्मी ने अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में भी पार्टिसिपेट किया.

लक्ष्मी का जन्म आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में हुआ. जमशेदपुर में ये पली-बढ़ीं. 10वीं के बोर्ड परीक्षा में इनके बहुत ही कम नंबर आए, तो इन्होंने 1986 में जमशेदपुर के वीमेंस कॉलेज में सीधे एडमिशन नहीं दिया गया. उसके बाद पिता के कहने पर उन्होंने कॉलेज के नेट, जहां क्रिकेट खेला जाता था, वहां ट्रायल दिया, तब जाकर उन्हें स्पोर्ट्स कोटा से दाखिला मिला और उस समय कहा गया कि वो तेज गेंदबाज बन सकती हैं.  

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