एथलीट दुती चंद ने अपने रिलेशनशिप को लेकर एक बहुत प्यारा खुलासा किया है

दुती ने कहा, 'मुझे किसी का सहारा भी चाहिए'.

किसी को किसी भी इंसान के साथ रहने की आजादी है और होनी भी चाहिए. चाहे वो इंटरकास्ट हो, इंटर रिलीजन हो या एक ही सेक्स यानी लिंग (समलैंगिक) का हो. दुती चंद का भी यही मानना है. दुती देश की मशहूर महिला धावक हैं. 18वें एशियन गेम्स में दुती ने 100 मीटर की फीमेल एथलीट्स की रेस में 11 मिनट 32 सेकेंड में रेस खत्म कर नेशनल रिकार्ड बनाया था. ये अभी काफी चर्चा में बनी हुईं हैं, क्योंकि इन्होंने अपनी लाइफ की एक बहुत अहम बात को सभी से शेयर किया है. दरअसल दुती ने बताया कि वो अपने ही होमटाउन की एक लड़की के साथ रिलेशनशिप में हैं. उन्होंने अपनी पार्टनर का नाम नहीं बताया है. क्योंकि उनका कहना है कि वो नहीं चाहती कि पार्टनर का नाम बता कर उसे बेवजह परेशान किया जाए, जिससे वो लोगों में आकर्षण का केंद्र बनें. संडे एक्सप्रेस को दुती ने एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने ये बातें कहीं.

दुती 2018 में हुए एशियन गेम्स में दो सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं. अभी वो टोक्यो ओलंपिक, जो अगले साल होना है, और वर्ल्ड चैम्पियनशिप की तैयारी कर रही हैं. दुती अभी 23 साल की हैं. उनका कहना है कि उन्हें कोई ऐसा मिल गया है, जो उन्हें जान से भी प्यारा है. उनका कहना है कि हर किसी को आजादी होनी चाहिए कि उसे किसके साथ रहना है या फिर वो किसके साथ रहना चाहता है.

'मैंने हमेशा उन लोगों के अधिकारों को सपोर्ट किया है, जो समलैंगिक रिश्तों में रहना चाहते हैं. ये इच्छा किसी की भी हो सकती है'.

दुती ने बताया कि अभी उनका पूरा फोकस वर्ल्ड चैम्पियनशिप और ओलंपिक खेलों पर है. पर वो भविष्य में अपनी पार्टनर के साथ सेटल होना चाहती हैं. दुती ने आगे कहा कि उन्होंने एलजीबीटी(LGBT)समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी. इसके लिए उन्हें काफी हिम्मत भी जुटानी पड़ी थी. ऐसा इन्होंने तब किया था जब सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन पीनल कोर्ट की धारा 377 को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया था.

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इंटरव्यू के दौरान दुती ने बताया-

मेरा मानना है कि सबको प्यार करने की आजादी होनी चाहिए. प्यार से बड़ा कोई इमोशन नहीं होता है और लोगों को इससे मना भी नहीं करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने भी पुराने नियम को खत्म कर दिया है.

दुती ने कहा कि वो जिसके साथ रहना चाहती हैं, वो उनका फैसला है, इस वजह से किसी को भी उन्हें एक एथलीट के रूप में जज करने का कोई अधिकार नहीं है. ये उनका पर्सनल डिसीजन है, जिसकी रिस्पेक्ट होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वो भारत के लिए इंटरनेशनल गेम्स में मेडल जीतेंगी और उसके लिए मेहनत भी कर रही हैं. दुती का ये सपना था कि वो किसी ऐसे इंसान को खोजें, जो लाइफटाइम उनके साथ रहे और उन्हें बतौर खिलाड़ी प्रेरित भी करे. वो पिछले 10 सालों से एक धावक हैं और अगले 5-7 साल तक देश के लिए दौड़ेंगी भी. दुती ने कहा कि वो देश के लिए दुनिया भर में घूमती हैं, दूसरों को खेल में टक्कर देती हैं, जो कि आसान नहीं है. दुती ने कहा कि

मुझे किसी का सहारा भी चाहिए.

हालांकि एलजीबीटी समुदाय को शादी करने का अधिकार देश में नहीं है, पर साथ रहने के लिए कोई कानून भी तय नहीं किए गए हैं. खैर, ये बात इसलिए इतनी चर्चा में है क्योंकि देश की एक एथलीट ने खुलकर इस बात को कहा है. दुती के माता-पिता ने इस रिश्ते को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई, पर उनकी बड़ी बहन ने दुती को घर से बाहर करने और उन्हें जेल भेजने की धमकी जरूर दे दी है. दुती ने बताया कि बड़ी बहन को लगता है कि मेरी पार्टनर का उनकी प्रॉपर्टी में इन्ट्रेस्ट है. इसलिए वो मुझे जेल भिजवा देंगी. 

अब समाज और लोग दुती की इस बात पर अपनी राय क्या देंगे, ये उनकी सोच पर डिपेंड करता है. पर जब कानूनन आजादी मिल गई है, तो लोगों को भी इस बात को जल्द अपना लेना चाहिए. इस समुदाय के लोगों के साथ सामान्य लोगों की तरह बर्ताव भी करना चाहिए, क्योंकि कई लोग अपने ही घर में भेदभाव का भी शिकार होते हैं, जो कि गलत है.

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