ऋतिक रौशन की जिस बहन के बारे में अफवाहें फैला रहे थे लोग, वो क्या कह रही हैं

सुनैना रौशन कल से ख़बरों में थीं, एक गंभीर वजह के चलते.

(फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर)

ऋतिक रोशन की बहन हैं सुनैना रोशन. लाइमलाइट से थोड़ा दूर ही रहती हैं. पर हाल-फ़िलहाल में उनके बारे में सोशल मीडिया पर काफ़ी बात हो रही है. वजह है उनकी तबीयत. ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि सुनैना की हालत काफ़ी ख़राब है. अगले 24 घंटों के लिए उन्हें कड़ी निगरानी में रखा गया है. साथ ही कुछ मीडिया वेबसाइट्स ये भी रिपोर्ट कर रही थीं कि सुनैना को बाईपोलर डिसऑर्डर है. जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया.

ये एक तरीके का दिमागी डिसऑर्डर होता है. हालांकि सुनैना ने इन सारी ख़बरों को झूठा बताया. ट्विटर पर लिखा:

'मैं हैरान हूं कि ऐसी ख़बरें आ रही हैं. उनके मुताबिक मेरी हालत नाज़ुक है और में अस्पताल में भर्ती हूं. 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ऐसा कुछ नहीं है. अपने फैक्ट्स ठीक करिए. मैं दोस्तों के साथ बाहर थी और पार्टी कर रही थी.'

साल 2018 में सुनैना ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वो डिप्रेशन से गुज़र रही हैं. जिससे उभरने के लिए वो डॉक्टर की मदद भी ले रही थीं. जब सुनैना डिप्रेशन से सफ़र कर रही थीं तो वो महीनों घर से बहर नहीं निकलती थीं. एक ब्लॉग में उन्होंने अपने अनुभव भी लिखे थे.

क़रीब दो साल पहले सुनैना को सर्वाइकल कैंसर डिटेक्ट हुआ था. उनका काफ़ी समय तक इलाज चला था. वो अब ठीक हैं. पर अपनी बीमारी के बाद उन्होंने खुलकर मेंटल हेल्थ पर बोलना शुरू किया था. बताया कि वो डिप्रेशन और एंग्ज़ायटी की शिकार थीं.

अब वापस आते हैं उन मीडिया रिपोर्ट्स की तरफ़ जो दवा कर रही थीं कि सुनैना को बाईपोलर डिसऑर्डर है. इस मुद्दे पर तो सुनैना ने लोगों की ग़लतफ़हमियां दूर कर दीं.

मेंटल हेल्थ से जुड़ी दूसरी चीज़ों की तरह बाईपोलर डिसऑर्डर के बारे में भी बहुत ग़लतफहमियां फैली हुई हैं. लोगों को इसके बारे में न के बराबर जानकारी है.

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साल 2018 में सुनैना ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वो डिप्रेशन से गुज़र रही हैं. (फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर)

तो आखिर क्या होता है ये बाईपोलर डिसऑर्डर? इसके बारे में और जानने के लिए हमने बात डॉक्टर राहुल मुरादा से. वो विमहंस दिल्ली में साईंकीएटट्रिस्ट हैं.

क्या है बाईपोलर डिसऑर्डर

डॉक्टर राहुल कहते हैं:

"ये एक मेंटल डिसऑर्डर है. यानी दिमागी हालत. इसमें आपका मूड बहुत तेज़ी से बदलता है. और अक्सर ये एकदम एक्सट्रीम होता है. जैसे किसी को बाईपोलर है. वो एकदम से बहुत ज़्यादा ख़ुश हो जाएगा. इसे मेनिया कहते हैं. पर कभी अचानक एकदम डिप्रेशन में चला जाएगा. आप सोच रहे होंगें कि मूड तपो सबका दिन-पर-दिन बदलता रहता है. इसमें क्या बड़ी बात है? पर ये मूड का बदलाव आम नहीं होता. इससे ग्रसित इंसान को अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी चलाने में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है."

क्या होता है बाईपोलर डिसऑर्डर में

बाईपोलर के दौरान होने वाला डिप्रेशन कम से कम दो हफ़्तों तक रहता है. मूड के ये बदलाव कुछ कुछ दिन चलते हैं. यानी ख़ुशी महसूस होती है तो छप्पर फाड़ एकदम. ऐसा कुछ दिन या हफ़्तों तक महसूस होता है. फिर आता है डिप्रेशन वाला दौर.

आप कभी रोलर कोस्टर पर बैठी हैं? ये एक झूला होता है. जो एकदम ऊपर जाता है. फिर अचानक नीचे की तरफ़ गिरता है. बाईपोलर भी कुछ ऐसा ही फ़ील होता है. मूड एकदम ऊपर नीचे होता है.

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ये तस्वीर बाईपोलर को एकदम सटीक तरह से बयां करती है. (फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर)

बाईपोलर के क्या लक्षण हैं

इसमें दो तरह के लक्षण महसूस होते हैं:

-मेनिया

जब इंसान मेनिया से गुज़र रहा होता है तो वो इमोशनली बहुत हाई महसूस कर रहा होता है. यानी बहुत छोटी-छोटी बातों पर एकदम उत्तेजित हो जाना. बहुत ज़्यादा एनर्जी महसूस करना. इतना कि एक जगह पर स्थिर बैठ पाना या सोना मुश्किल हो जाए. बेवजह बहुत ख़ुशी महसूस होना. इस दौरान कुछ लोग बहुत पैसे भी ख़र्च कर आते हैं.

-डिप्रेशन

इस दौरान बेवजह बहुत दुखी महसूस होता है

ज़िंदगी नीरस लगती है

बिलकुल एनर्जी नहीं रहती

जो चीज़ें आमतौर पर करना अच्छी लगती थीं उनसे मन उचट जाना

बहुत कम या बहुत ज़्यादा सोना

सुसाइड करने का मन करना

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बाईपोलर के दौरान होने वाला डिप्रेशन कम से कम दो हफ़्तों तक रहता है. (फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर)

औरतों में बाईपोलर डिसऑर्डर थोड़ा अलग होता है

-औरतों में बाईपोलर डिसऑर्डर 20 से 40 साल में ज़्यादा होता है

-उनमें मेनिया कम होता है. यानी ख़ुशी वाला दौर

-औरतों में डिप्रेशन ज़्यादा महसूस होता है

-साल में चार या उससे ज़्यादा डिप्रेशन या मेनिया के एपिसोड होना

-बाईपोलर के साथ-साथ थाईरॉइड, बहुत ज़्यादा वज़न बढ़ना, एंग्जायटी, और माइग्रेन की भी दिक्कत आती है

क्यों होता है बाईपोलर डिसऑर्डर

डॉक्टर राहुल कहते हैं:

"कोई एक वजह नहीं है इसकी. कई अलग-अलग वजह हो सकती हैं. जैसे:

-जीन्स

अगर आपके परिवार में आपके माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी को बाईपोलर है या था तो हो सकता है कि ये आगे होने वाले बच्चों में भी हो.

-आपका ब्रेन

अगर आपके दिमाग के काम करने की क्षमता असमान्य है तो आपको बाईपोलर डिसऑर्डर हो सकता है.

-आपका रहन-सहन

आपका लाइफस्टाइल भी काफ़ी ज़िम्मेदार होता है. बहुत ज़्यादा स्ट्रेस लेना. ज़िंदगी में कोई हादसा होना. कोई बीमारी होना.

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स्ट्रेस कम लीजिए. (फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर)

बाईपोलर का क्या इलाज है

कई अलग-अलग टेस्टों की मदद से आपका डॉक्टर से पता करेगा कि क्या आपको वाकई बाईपोलर है. बाईपोलर का जड़ से इलाज नहीं होता. पर हां, इसे ठीक किया जा सकता है. उसके लिए दवाइयां और थेरेपी की मदद ली जाती है. साथ ही लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव भी लाना ज़रूरी है. जैसे:

-अपने खाने और सोने का ध्यान रखना

-समझना कि आपके मूड में बदलाव आ रहे हैं

-डॉक्टर की मदद लेना

बात जब मेंटल हेल्थ की आती है तो हम अक्सर उसको नज़रअंदाज़ कर देते हैं. ध्यान नहीं देते. पर ये बहुत ख़तरनाक है. ज़रूरी है कि सही समय पर डॉक्टर को दिखाया जाए. जैसे बाकी बीमारियों के साथ किया जाता है.

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