बजट 2019: बच्चों की शादी में सोना खरीदने वालों, अब जेब ज़रा और ढीलनी पड़ेगी

हालांकि अपने प्रेमी को 'सोना' बुलाना अब भी टैक्स फ्री है.

ऑडनारी ऑडनारी
जुलाई 05, 2019
निर्मला सीतारमण ने सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है.

यूनियन बजट 2019 पेश हो चुका है. निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया. देश का बजट पेश करने वाली वह दूसरी ही महिला हैं. उनसे पहले 1970 में इंदिरा गांधी ने देश का बजट पेश किया था. अपने पहले बजट भाषण में वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सोने पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाएगी. इसका मतलब है कि सोना अब पहले की तुलना में और महंगा हो जाएगा. यानी सोना पहनने के शौकीनों को अब अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी.

पहले जान लीजिये कि ये कस्टम ड्यूटी क्या बला है, जिसके बढ़ने से चीज़ें महंगी हो जाती हैं. हिंदी में इसे सीमा शुल्क कहते हैं. इसे आयात कर भी कहा जाता है. यानी जब कोई सामान एक देश से दूसरे देश पहुंचता है, तो बॉर्डर क्रॉस करने के लिए उस सामान पर जो टैक्स लगता है उसे ही कस्टम ड्यूटी कहते हैं. इसका सीधा असर उस सामान को खरीदने वाले लोगों पर पड़ता है.

बजट भाषण में उन्होंने कहा-

'बजट में यह भी प्रस्तावित है कि सोने और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाएगी. इसे 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया जाएगा.'

बिजनेस टुडे के मुताबिक, खास बात ये है कि भारत की डॉमेस्टिक जूलरी उद्योग कस्टम ड्यूटी के घटने की उम्मीद कर रहा था. क्योंकि सोने की कीमतें वैश्विक रूप से लगातार बढ़ रही हैं. कस्टम ड्यूटी बढ़ने के ऐलान के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में गहनों की कंपनियों के शेयर काफी तेजी से नीचे गिरे.

सोने के अलावा सीसीटीवी कैमरे, पेट्रोल-डीज़ल, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर जैसी जरूरी चीज़ें महंगी हो गई हैं. वहीं, इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियां और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते हुए हैं.

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