क्या होते हैं मदर मिल्क बैंक, जहां बच्चों के लिए मां का दूध इकट्ठा किया जाता है?

भारत में ऐसे 60 मिल्क बैंक हैं.

नेहा कश्यप नेहा कश्यप
अगस्त 05, 2019
प्रतिकात्मक तस्वीर : आजतक

अनु 27 साल की हैं. अभी-अभी मां बनी हैं. अनु को पर्याप्त दूध नहीं बनता है. इस वजह से उसकी बेटी का पेट भर नहीं पाता है. बेटी सिर्फ तीन महीने की है, इसलिए उसे ऊपरी आहार नहीं खिलाया जा सकता है. वह बेटी की सेहत को लेकर काफी परेशान रहती हैं. ये सिर्फ अनु की समस्या नहीं है. कई महिलाएं दूध न बनने की वजह से परेशान रहती हैं.

बहुत कम महिलाएं जानती हैं कि देश के कई राज्यों में मदर मिल्क बैंक हैं, जहां महिलाएं अपना ब्रेस्ट मिल्क डोनेट कर सकती हैं. इन बैंकों में दूध स्टोर किया जाता है. ये दूध उन शिशुओं को दिया जाता है, जिनका जन्म के साथ बेहद कम वजन होता है. जिनकी मां नहीं होती है. और बच्चों को भी दिया जाता है जिनकी मांओ का दूध नहीं बनता. 

breast_feeding_080519021933.jpgवर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग वीक चल रहा है. ये हर साल 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच मनाया जाता है. आज हम बात करेंगे ब्रेस्ट पंप से जुड़े मिथक के बारे में.

हमने इसके बारे में जानने के लिए डॉक्टर आशा शर्मा से बात की. वह रॉकलैंड अस्पताल में हेड हैं.

मां का दूध क्यों जरूरी होता है?

बच्चे के लिए मां का दूध बहुत अहम होता है. जन्म से लेकर छह महीने तक उसे सिर्फ मां का दूध ही पिलाना चाहिए. इसके जरिये बच्चे को कुपोषण और कई बीमारियों से बचाया जा सकता है. दूध में बच्‍चे के लिए सभी जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं. बच्चा इस दूध में मौजूद प्रोटीन और फैट को आसानी से हजम भी कर लेता है. बच्चे को गैस, कब्ज, दस्त या उल्टी की परेशानी नहीं होती है.

baby_080519022200.pngतस्वीर: pixabay

कम दूध क्यों बनता है?

डॉक्टर आशा बताती हैं कि माना जाता है कि कमजोर या कुपोषित महिलाओं को कम दूध बनता है. लेकिन ऐसा नहीं है.

-दूध न बनने की सबसे बड़ी वजह होता है स्ट्रेस. अगर महिला मानसिक तौर पर परेशान रहती है. उसे स्ट्रेस और टेंशन रहता है, तो उसका दूध बनना कम हो जाता है.

-इसके अलावा हार्मोन्स संबंधी समस्या होने पर भी दूध बनना बंद हो जाता है.

-अगर महिला ने प्रेग्नेंसी से पहले लंबे समय तक गर्भ निरोधक गोलियों का इस्तेमाल किया है, तो इसकी वजह से भी दूध बनना कम हो जाता है.

देश में कहां-कहां हैं मिल्क बैंक?

1989 में एशिया का पहला मदर मिल्क मुंबई में शुरू हुआ था. मौजूदा समय में सरकारी और प्रायवेट अस्पतालों को मिलाकर भारत में करीब 60 मदर मिल्क बैंक हैं. सबसे ज्यादा (13) मदर मिल्क बैंक राजस्थान में बनाए गए हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र में (12), तमिलनाडु में (10) मदर मिल्क बैंक हैं. इन राज्यों के बाद इस लिस्ट में चेन्नई का नाम आता है. अमारा नाम के ह्यूमन मिल्क बैंक ने ब्रेस्ट मिल्क फाउंडेशन के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में इसकी सेवाएं शुरू की हैं.

baby-2-_080519022226.jpgतस्वीर: pixabay

कैसे सुरक्षित रखा जाता है दूध?

सबसे पहले मदर मिल्क बैंक में दूध डोनेट करने वाली महिलाओं की हेल्थ का चेकअप किया जाता है. जांचों के जरिये पता किया जाता है कि उन्हें किसी तरह की कोई बीमारी तो नहीं है. टेस्ट क्लियर होने के बाद दूध को माइनस 20 डिग्री पर स्टोर किया जाता है. इस तरह ये दूध छह महीने तक खराब नहीं होता है. बच्चे को दूध देने से पहले बैक्टीरिया टेस्ट किया जाता है. इस टेस्ट में दूध सही पाए जाने पर ही उसे दूध पिलाया जाता है.

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