रेप पर मंत्री जी के इस बयान ने आसाराम और मुलायम सिंह यादव को भी फेल कर दिया

यूपी के मंत्री उपेंद्र तिवारी ने बेहद असंवेदनशील बात कही है

उत्तर प्रदेश के एक मंत्री हैं. नाम है उपेंद्र तिवारी. स्वतंत्र प्रभार से जल संसाधन, वन और पर्यावरण मंत्री हैं. 9 जून को उन्होंने मीडिया से बात करते हुए रेप को लेकर बेहद असंवेदनशील और घटिया बात कही. उनकी मानें तो रेप के भी प्रकार होते हैं. एक एज ग्रुप की लड़की से रेप हो तो वो रेप होगा लेकिन दूसरे एज ग्रुप की लड़की या शादीशुदा औरत के साथ हो तो उसका नेचर अलग होगा.

दरअसल पत्रकारों ने अलीगढ़ में नाबालिग बच्ची से रेप को लेकर पूछा था कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं.

इसके जवाब में उपेंद्र तिवारी ने कहा,

रेप का नेचर होता है, अब जैसे कोई नाबालिग लड़की है, उसके साथ रेप हुआ है तो उसको तो हम रेप मानेंगे, लेकिन कहीं-कहीं यह भी सुनने में आता है कि कोई विवाहित महिला है, उम्र 30-35 साल है, 30-35 साल के बाद भी आता है कि इनके साथ रेप हुआ है, इस तरीके की तमाम ऐसी घटनाएं होती हैं, तमाम चीजें देखने को मिलती हैं, कोई बालिग है, 7-8 साल से प्रेम संबंध चल रहा है मगर आज आरोप आता है कि मेरे साथ रेप हुआ है, तो ये आम सवाल होता है कि 7 साल पहले ये बात उठ जानी चाहिए.

आगे कहा कि इस तरह की तमाम विसंगतियों से अलग-अलग निपटा जा रहा है. जहां भी इस तरह की घटना है, स्वयं मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) जाकर संज्ञान लेते हैं और एक्शन लेते हैं.

खैर ये पहली बार नहीं है, जब रेप को लेकर मंत्रियों ने इस तरह के बयान दिए हों.  हालांकि, इससे पहले भी कई मंत्री बहुत ही असंवेदनशील बयान दे चुके हैं. 

-जब नाबालिग से रेप पर मौत की सजा लाने के लिए प्रदर्शन किए जा रहे थे. तब केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा था कि रेप की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं, लेकिन इतने बड़े देश में 1-2 घटना हो जाए, तो बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए.

-एमपी के मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा था कि बलात्कार की बढ़ती संख्या के लिए पॉर्न साइट्स ज़िम्मेदार है.

-समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने रेप की घटनाओं पर कहा था लड़कों से गलती हो जाती है.

और आसाराम की बात तो याद ही है न आपको? नाबालिगों से रेप के दोषी आसाराम ने कहा था कि रेप से बचने के लिए लड़कियों को लड़कों को भैय्या बोलना चाहिए.

उपेंद्र तिवारी का ये बयान कई लेवल्स पर असंवेदशनशील है. पहला तो ये कि उनको इस बात की समझ ही नहीं है कि रेप के बाद एक महिला की मनोस्थिति क्या होती है. उसे उस ट्रॉमा से बाहर निकलने में कई साल लग जाते हैं. कई बार तो वो कभी निकल ही नहीं पाती. दूसरा ये कि कोई औरत शादीशुदा है, किसी के साथ रिलेशनशिप में है या कोई और भी परिस्थिति क्यों न हो. उसकी मर्जी के बिना उसके शरीर को छूना रेप ही होगा.

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