अलवर गैंगरेप की पूरी कहानी सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी

तीन घंटे तक पांच लोग बारी-बारी करते रहे रेप, वीडियो भी बनाया.

लालिमा लालिमा
मई 08, 2019
अलवर गैंगरेप के आरोपी (लेफ्ट, राइट). फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट

राजस्थान में एक जिला है अलवर. वहां एक जगह है थानागाजी. ये जगह इस वक्त काफी ज्यादा चर्चा में है. लेकिन चर्चा में थानागाजी किसी अच्छी बात के लिए नहीं है, बल्कि एक बेहद घिनौने अपराध की वजह से है. वो घिनौना अपराध है गैंगरेप. इस इलाके में एक औरत का 26 अप्रैल के दिन 5 लोगों ने गैंगरेप किया था. वो भी उसके पति के सामने. लगातार तीन घंटों तक. दोनों को पीटा भी. और इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया था. और बाद में सोशल मीडिया पर इसे वायरल भी कर दिया था.

आगे बढ़ने से पहले जान लें कि आखिर पूरा मामला क्या है?

प्रेमा (काल्पनिक नाम), 26 अप्रैल के दिन, अपने पति मोहन (काल्पनिक नाम) के साथ लालवाड़ी गांव से तालवृक्ष जा रही थी. दोनों बाइक से जा रहे थे. थानागाजी-अलवर बाईपास रोड से उनकी बाइक गुजर रही थी. दुहार चौगान वाले रास्ते से कुछ ही दूरी पर, दोपहर करीब 3 बजे, प्रेमा और मोहन की बाइक के सामने दो अन्य बाइक आकर रुक गईं. इन दोनों बाइकों पर 5 लड़के सवार थे. पांचों की उम्र 20 से 25 साल के बीच की थी. पांचों लड़कों ने प्रेमा और मोहन को घेर लिया. और दोनों को सड़के से दूर रेत के टीले की तरफ ले गए. वहां ले जाकर उन्होंने मोहन को पीटा. और प्रेमा का एक-एक कर सबने रेप किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपियों ने प्रेमा को गले से पकड़कर खींचा. उसे और उसके पति को पीटा. मोहन के सामने ही प्रेमा के कपड़े उतारे और उसका रेप किया.

इतना ही नहीं, इस गैंगरेप का वीडियो भी बनाया. और कुछ दिन बाद एक छठवें लड़के, जिसका नाम मुकेश है, उसने इस वीडियो को कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया.

आगे बढ़ते हैं. प्रेमा और मोहन, तीन दिन तक चुप रहे. वो लोग सदमे में थे. एनबीटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को आरोपियों का कॉल भी आ रहा था. आरोपी लड़के ब्लैकमेल कर रहे थे. पैसे मांग रहे थे. आरोपी ने कहा था कि अगर उसे पैसे नहीं मिलेंगे, तो वो वीडियो को वायरल कर देगा.

untitled-1_750xz500_050819024335.jpgपुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. फोटो- रिपोर्टर राजेंद्र शर्मा 

घटना के तीन दिन बाद प्रेमा और मोहन ने पूरी वारदात अपने घरवालों को बता दी. 30 अप्रैल के दिन दोनों ने अलवर के एसपी राजीव पचार से मुलाकात की. सारी बात बताई. एसपी पचार ने उनसे कहा कि कार्रवाई की जाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस का कहना है कि एसपी के आदेश के बाद 30 अप्रैल को एफआईआर लिख ली गई थी, लेकिन मोहन का कहना है कि पुलिस ने 30 अप्रैल नहीं, बल्कि 2 मई को एफआईआर लिखी थी.

पुलिस ने एफआईआर लिख तो ली थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की थी. मोहन ने बताया कि उससे पुलिस ने ये कहा था कि अभी चुनाव चल रहे हैं, इस वजह से ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद नहीं हैं, सबकी ड्यूटी चुनाव में लगी हुई है. ऐसे में चुनाव के बाद मामले पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस चार दिन तक मामला टालते रही. फिर 6 मई को ये मामला मीडिया तक पहुंचा. आरोपियों के एक छठवें साथी, मुकेश ने वीडियो वायरल कर दी थी. वीडियो 6 मई तक ये कई सारे वॉट्सऐप ग्रुप में पहुंच गई. मामला बढ़ गया. पुलिस के ढीले रवैये का विरोध हुआ. तब कहीं जाकर पुलिस ने सख्ती दिखाई, और कार्रवाई शुरू की.

तीन लोगों की गिरफ्तारी हो गई है. एक मुकेश, वीडियो वायरल करने के कारण उसे आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है. रेप करने वाले आरोपियों में से एक लड़का, जिसका नाम इंदराज गुर्जर है, उसकी भी गिरफ्तारी हो गई है. इन्हीं पांचों में से एक और लड़का, जिसका नाम अशोक है वो भी गिरफ्तार हो गया है. बाकी तीन आरोपी अभी फरार है. 14 टीमें बनाई गई हैं.

वापस आते हैं पुलिस पर. मीडिया में बवाल होने के बाद पुलिस से जब लेट लतीफी पर जवाब मांगा गया. तब पुलिस ने कहा कि वो सबूत जुटा रहे थे, इसलिए टाइम लग गया. सोचिए कि, गैंगरेप का पूरा वीडियो वायरल हो रहा है, और पुलिस को सबूत चाहिए. तीनों के नाम छोटेलाल, महेश गुर्जर और हंसराज है.

पुलिस की लेट लतीफी के बाद राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए. थानागाजी के एसएचओ सरदार सिंह को निलंबित कर दिया. एसपी राजीव पचार को एपीओ कर दिया. एपीओ मतलब, अगली पोस्टिंग तक इंतजार करवाना. वहीं अलवर की कई जगहों पर, गैंगरेप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं. आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई जा रही है. लोग धरना दे रहे हैं.

(स्टोरी डेवलपिंग है, जो भी अपडेट आएगा, जोड़ दिया जाएगा.)

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