क्या है सिजेरियन स्कार डिफेक्ट: वो अवस्था जिसमें औरत दोबारा मां नहीं बन पाती

वो बीमारी जिसे ठीक न किया गया तो बच्चेदानी तक फट सकती है.

सरवत फ़ातिमा सरवत फ़ातिमा
दिसंबर 06, 2018
इस बीमारी के बारे में डॉक्टरों को भी कम जानकारी है. (सांकेतिक तस्वीर) फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर

आज से करीब आठ साल पहले 30 साल की नीतू कुमारी मां बनी थीं. कुछ समय बाद नीतू और उनके पति ने फ़ैसला किया कि वो एक और बच्चा चाहते हैं. इसके बाद नीतू लगातार मां बनने की कोशिश करती रहीं, पर वो प्रेगनेंट नहीं हो पा रही थीं. यही नहीं. पीरियड्स के दौरान उन्हें काफ़ी हैवी ब्लीडिंग भी होती थी. इलाज चला पर उसका कोई नतीजा नहीं निकला. फिर एक डॉक्टर ने नीतू का अल्ट्रासाउंड किया. पता चला उन्हें सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट है.

आठ साल बाद आज नीतू 38 साल की हैं. कुछ दिन पहले ही ऑपरेशन के द्वारा उन्होंने एक बच्चे जो जन्म दिया. वो अब ठीक हैं. ये दावा किया जा रहा है कि हिंदुस्तान में पहली बार सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट की सर्जरी हुई है. यूरोप के कई देशों में ऐसी सर्जरी होती रही हैं.

पर आख़िर ये सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट होता क्या है? ये जानने के लिए हमने दिल्ली और मुंबई के कुछ 'स्त्री रोग' विशेषज्ञों को फ़ोन किया. अजीब बात ये थी कि उनमें से कई डॉक्टरों को ये पता ही नहीं था कि सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट आख़िर होता क्या है. इस बीमारी की यही दिक्कत है.

एक हिंदी अखबार में छपी ख़बर के मुताबिक सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट नाम की ये बीमारी जल्दी पकड़ में नहीं आती. कई बार महिलाएं समझ नहीं पातीं कि कुछ गड़बड़ है. कई बार डॉक्टर नहीं पकड़ पाते. अब अगर इस बीमारी को लेकर इतनी उलझन है तो ये बीमारी पकड़ में कैसे आएगी. कई डॉक्टरों से बात करने के बाद हमें आख़िर एक ऐसी 'स्त्री रोग' विशेषज्ञ मिलीं जो हमें इसके बारे में बता पाईं.

डॉक्टर मधु गोयल एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं. दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 स्थित फ़ोर्टिस अस्पताल में. वो अपने डिपार्टमेंट की एसोसिएट डायरेक्टर भी हैं. जब हमनें उनसे अपने सवाल पूछें तो उन्होंने हमें तीन चीज़ें बताईं:

पहली: सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट होता क्या है?

सबसे बड़ी बात. अगर कोई औरत सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट से ग्रसित है तो उसे मां बनने में दिक्कत आएगी. या हो सकता है वो मां न बन पाए. होता कुछ यूं हैं कि जब किसी महिला की डिलीवरी ऑपरेशन द्वारा की जाती है तो उसके गर्भाशय को काटा जाता है. वो ठीक भी लेयर्स में ही होता है. जिन औरतों में ये रिपेयरिंग सही से नहीं होती तो उनमें एक तरह की कैविटी बन जाती है. कैविटी मतलब गड्ढा. इसके बाद जब उस महिला को पीरियड्स दोबारा होना शुरू होते हैं तो खून इस गड्ढ़े में भरने लगता है.

1_120618045731.jpgअगर कोई औरत सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट से ग्रसित है तो उसे मां बनने में दिक्कत आएगी. (सांकेतिक तस्वीर) फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर

दूसरी: ये कैसे पता चलेगा कि आपको डिलीवरी के बाद सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट हो गया है?

जिन महिलाओं को सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट हो जाता है उन्हें पेडू में बहुत ज़बरदस्त दर्द उठता है. साथ ही उनके पीरियड्स बहुत लंबे चलते हैं और ब्लीडिंग भी काफ़ी हैवी होती है. पीरियड्स ख़त्म होने के बाद भी ब्लीडिंग होती है. इस सबके चलते उनको दोबारा प्रेगनेंट होने में दिक्कत आती है. अगर वो प्रेगनेंट हो भी गईं तो प्रेग्नेंसी के दौरान उनका गर्भाशय अपने आप फट जाता है. इसके होने की वजह है कि गर्भाशय पर लगे हुए चीरे पूरी तरह ठीक नहीं हुए होते हैं और फट जाते हैं.

तीसरी: ये किन औरतों के साथ होता है?

सिज़ेरियन स्कार डिफेक्ट किसी के साथ भी हो सकता है. पर ख़ासतौर पर ये उन औरतों में आम हैं जिन्हें डायबिटीज़ होती है.

2_120618045845.jpgजब किसी महिला की डिलीवरी ऑपरेशन द्वारा की जाती है तो उसके गर्भाशय को काटा जाता है. फ़ोटो कर्टसी: Pixabay

चौथी: इसका इलाज क्या है?

इसका एक ही इलाज है. सर्जरी. सर्जरी द्वारा ही गर्भाशय पर लगे हुए चीरों को ठीक किया जाता है. ये दो तरह से होता है. हिस्ट्रोस्कोपी से. इसमें एक हल्का और पतला ट्यूब वजाइना के अंदर जाता है गर्भाशय की जांच करने के लिए. चीरा मिलने पर उसे ठीक किया जाता है. दूसरा है लेप्रोस्कोपी. इसमें पेट पर हल्का सा चीरा लगाया जाता है और एक कैमरा अंदर भेजा जाता है. ये देखने के लिए कि कहीं गर्भाशय पर कोई चीरा तो नहीं है. ये दोनों सर्जरी हिंदुस्तान के कई अस्पतालों में उपलब्ध हैं. इनकी कीमत लगभग 12,000 रुपए तक होती है.

 

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