पीरियड के खून से जुड़े ये अंधविश्वास सुनकर कानों से खून आ जाए

क्या आपको भी बचपन में पड़ोसी आंटी ने ब्लड से चित्रकारी करने को कहा था?

ऑडनारी ऑडनारी
जुलाई 09, 2019
फिल्म पैडमैन के एक सीन में राधिका आप्टे

जब पहली बार पीरियड हुआ तो मैं सिर्फ 11 साल की थी. मां ने कपड़ा दिया. बजट की कोई समस्या नहीं थी, लेकिन पैड तब तक एलियन था हमारे लिए. मुझे गंदा कपड़ा धोने में, और फिर उसे ही वापस यूज करने में घिन आती थी. मैं रोती. मन करता कि फेंक दूं कपड़ा. लेकिन मम्मी डांट देतीं कि कपड़ा फेंकते नहीं हैं.

एक दिन पड़ोस की एक आंटी ने मुझसे कहा- ये जो तुम कपड़ा फेंकने को कहती हो बार-बार, पता भी है कपड़ा फेंक देने से क्या होता है? अगर ये किसी जादू-टोने वाले के हाथ लग गया तो वो इसकी गुड़िया बना देगा और तुम कभी मां नहीं बन पाओगी.

उस उम्र में मुझे मां बनने से मतलब नहीं था. लेकिन ये डर बैठ गया कि कपड़ा फेंकने से कोई मेरा बहुत ज्यादा नुकसान कर सकता है. एक अजीब सा डर.

बड़ी होने के बाद मुझे दो बातें समझ में आईं. पहली ये कि टोना-टोटका जैसा कुछ नहीं होता है. किसी इंसान में इतनी ताकत नहीं होती कि आपके पीरियड का कपड़ा उसके हाथ में पड़ जाए तो वो आपको बर्बाद कर दे.

और दूसरी बात ये कि कई सारे मिथक सिर्फ इसलिए गढ़े गए हैं कि लोग कुछ चीज़ें डर में न करें. पीरियड के कपड़े को बाहर फेंकने से फैलने वाली गंदगी को रोकने के लिए ऐसी कहानियां गढ़ी गईं. ताकि लोग जिम्मेदारी में नहीं तो कम से कम डर में कपड़ा बाहर न फेंकें. मसलन रात में घर न बुहारने, या कचरा न फेंकने के पीछे कहानी जो भी बताई गई हो. इसके पीछे वजह ये होती थी कि अंधेरे में कोई कीमती सामान कचरे में न चला जाए. बता दें कि जब ये कहानियां गढ़ी गईं तब बिजली नहीं हुआ करती थीं.

खैर, ये इकलौता अंधविश्वास नहीं है. पीरियड के खून से जुड़े कई और अंधविश्वास हैं जो हमारे देश में फॉलो किये जाते हैं. या पीरियड शुरू होते ही लड़कियों को बताए जाते हैं.

कई धार्मिक जगहों पर पीरियड के दौरान औरतों को जाने से रोका जाता है.कई धार्मिक जगहों पर पीरियड के दौरान औरतों को जाने से रोका जाता है.

 

1- पीरियड में अगर फ्लो ज्यादा है तो अपने खून की तीन बूंदें जमीन पर गिराओ और एक बूंद को काट दो. या फिर दो उंगलियों में पीरियड ब्लड लेकर दीवार पर लकीर खींच दो. इससे खून का बहाव कम हो जाता है. और पीरियड आराम से गुजरते हैं. असल में ऐसा कुछ नहीं होता है. शरीर से बाहर निकल जाने के बाद आप उस ब्लड से जो भी करें उसका आपके पीरियड पर या आपके शरीर पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

2. पीरियड के खून से दीवार पर कोई आकार बना देने से उस दौरान होने वाला दर्द कम हो जाता है. मतलब कुछ भी!

3. पीरियड का खून बेहद पॉवरफुल होता है. कुछ वक्त पहले एक चर्चित अभिनेत्री पर आरोप लगा था कि वो अपने बॉयफ्रेंड के खाने में अपना पीरियड ब्लड मिलाकर देती हैं. ताकि वो उनके वश में रहे. ये अफवाह इसी अंधविश्वास के जड़ से उपजी थी कि पीरियड ब्लड में काफी ताकत होती है.

4. पीरियड के खून का इस्तेमाल कर किसी को अपने वश में किया जा सकता है. ये कहा जाता है कि पीरियड के दौरान अपनी वजाइना में सुपारी रखकर, उस सुपारी को काटकर यदि किसी को खिलाया जाए तो वह शख्स हमेशा आपके वश में रहेगा.

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफॉर्मेशन (NCBI). भारत की एक सरकारी संस्था है. इसने 2015 में एक आर्टिकल छापा था. इसमें लिखा है-दक्षिण एशिया, खासकर भारत में इस तरह की चीज़ें फॉलो की जाती हैं. लेकिन इनके पीछे कोई वैज्ञानिक और लॉजिकल वजह नहीं है.

तो लेडीज, अगर कोई आपको कहे कि आपके पीरियड ब्लड में जादू है तो उनसे कहें कि कोई और जोक सुनाएं. और ऐसा, जिसपर हंसी आए!

 

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