मौत से 12 घंटे पहले सुनंदा पुष्कर के साथ किसने हिंसा की थी?

मौत के चार साल बाद शशि थरूर के खिलाफ चार्जशीट फाइल हुई.

कुसुम लता कुसुम लता
अगस्त 22, 2019
फाइल फोटो

17 जनवरी, 2014. दिल्ली का चाणक्यपुरी इलाका. लीला पैलेस होटल. कमरा नंबर 345. यहां एक लाश मिली, किसी आम या गुमनाम शख्स की नहीं. ये सुनंदा पुष्कर की लाश थी. कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर की पत्नी. सामने आया कि सुनंदा की मौत जहर की वजह से हुई थी. सुनंदा ने कथित तौर पर खुदकुशी की थी. शशि थरूर पर आरोप है कि उन्होंने सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाया. IPC की धारा 498 ए यानी पत्नी के साथ क्रूरता और 306 यानी खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला थरूर के खिलाफ दर्ज है.

सुनंदा पुष्कर की खबर अब क्यों?

क्योंकि पुलिस ने 20 अगस्त को दिल्ली के एक कोर्ट में इस मामले में नए खुलासे किए हैं. पुलिस ने कहा कि थरूर और सुनंदा के रिश्ते तनावपूर्ण थे. इस वजह से वह मानसिक पीड़ा से गुज़र रही थीं. पुलिस ने ये भी कहा कि सुनंदा के शरीर में 15 चोट के निशान मिले हैं. ये निशान सुनंदा पुष्कर के बाजू, कलाई और पैरों पर मिले. रिपोर्ट के मुताबिक, ये निशान हाथापाई के दौरान लगी चोट जैसे लगते हैं. ये निशान मौत से 12 घंटे से चार दिन पहले के थे.

मुलाकात, प्रेम और शादी

साल था 2008. शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर दिल्ली में एक अवॉर्ड समारोह में मिले थे. मुलाकात के बाद करीब दो साल दोनों के बीच बातचीत चलती रही. करीबी बढ़ी. प्रेम हुआ. अगस्त, 2010 में दोनों ने शादी कर ली. ये इन दोनों की तीसरी शादी थी. करीब साढ़े तीन साल तक दोनों की जिंदगी खुशहाल रही. कम से कम बाहर से तो दिखती ही थी.

सुनंदा और शशि ने मलयाली रीति-रिवाज से शादी की थी.सुनंदा और शशि ने मलयाली रीति-रिवाज से शादी की थी.

फिर एक दिन मेहर तरार के मैसेजेस सामने आए. और इस रिश्ते का एक दूसरा पहलू भी

तारीख थी 15 जनवरी, साल 2014. मेहर तरार पाकिस्तान की पत्रकार हैं. उन्होंने थरूर को मैसेज भेजे थे. जिनमें लिखा था कि वो शशि से प्यार करती हैं. लिखा था कि प्यार में उन्हें सबकुछ मंज़ूर है. शिकायत भी की थी कि थरूर ने उन्हें अनफॉलो कर दिया है. उनके ट्वीट्स को रीट्वीट भी नहीं करते और न ही उन्हें जवाब देते हैं. इन मैसेजेस के स्क्रीनशॉट्स शशि थरूर के ट्विटर हैंडल से पोस्ट हुए थे. थरूर ट्वीट डिलीट किये और फिर सफाई दी कि उनका अकाउंट हैक हो गया था. इसके बाद उन्होंने अपना अकाउंट डी-एक्टिवेट कर दिया.

अगले दिन. यानी 16 जनवरी, 2014 को उन मैसेजेस को लेकर सुनंदा और मेहर ट्विटर पर आपस में भिड़ गईं. सुनंदा ने मेहर पर आरोप लगाया कि वो उनके पति का पीछा कर रही हैं. साथ ही उन्हें आईएसआई एजेंट तक बता दिया. मेहर ने कहा कि सुनंदा अपना मानसिक संतुलन खो बैठी हैं. इसी दिन शशि और सुनंदा ने जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया. इसमें लिखा कि उनकी शादीशुदा जिंदगी अच्छी चल रही है. वो दोनों खुश हैं और ऐसे ही रहना चाहते हैं. लिखा कि सुनंदा बीमार हैं और उन्हें आराम की जरूरत है. मीडिया से गुज़ारिश की कि उनकी प्राइवेसी का सम्मान किया जाए.

शशि थरूर के ट्वीट्स का स्क्रीनशॉट, जिस पर बवाल हुआ था.शशि थरूर के ट्वीट्स का स्क्रीनशॉट, जिस पर बवाल हुआ था.

जब ये सब चल रहा था तब शशि और सुनंदा के घर में मरम्मत का काम चल रहा था. इस वजह से दोनों लीला पैलेस होटल में रह रहे थे. 17 जनवरी की सुबह हुई. रोज़ की तरह थरूर उठे पर सुनंदा की नींद नहीं खुली. काफी वक्त हो गया तब थरूर को लगा कि कुछ गड़बड़ है. सुनंदा की मौत हो चुकी थी.

खुदकुशी या दवाइयों का ओवरडोज़?

शुरुआत में पुलिस ने माना कि सुनंदा ने खुदकुशी की थी. लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया कि उनकी मौत दवाइयों के ओवरडोज़ से हो सकती है. उन दिनों उनकी तबीयत खराब थी और उनका इलाज चल रहा था. सुनंदा का पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली में हुआ था. 19 जनवरी को डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर पर 12 से ज्यादा चोट के निशान थे. उनके बाएं हाथ पर दांतों से काटे जाने का निशान था. गाल पर चोट का निशान था. डॉक्टर्स ने बताया कि उनकी मौत अप्राकृतिक तरीके से हुई है. एक एंटी-एंग्जाइटी ड्रग एल्प्राज़ोलम के बेहद कम मात्रा में पाए जाने का जिक्र भी पीएम रिपोर्ट में था.

जांच चल ही रही थी. तभी 2 जुलाई, 2014 को एक और बड़ा खुलासा हुआ. डॉक्टर सुधीर गुप्ता उस पैनल को लीड कर रहे थे जिन्होंने सुनंदा का पोस्ट मार्टम किया था. उन्होंने बताया कि उन पर मामले को सुलटाने का दबाव बनाया गया. उन्होंने कहा कि उन पर झूठे रिपोर्ट बनाने का प्रेशर है. इसके बाद गुप्ता ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि सुनंदा की बॉडी पर 15 निशान थे और इनमें से एक भी उनकी मौत का कारण नहीं हो सकता. उन्होंने लिखा कि उनके शरीर में एक इंजेक्शन का निशान भी था. इस रिपोर्ट के मुताबिक, एल्प्राज़ोलम सुनंदा के पेट में काफी मात्रा में था. ये दावा पिछली रिपोर्ट से बेहद उलट था. जिसमें इस ड्रग के कम मात्रा में पाए जाने का जिक्र था.

सितंबर 2014 में एम्स ने सुनंदा की डिटेल्ड पीएम रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी. इस रिपोर्ट को आधार बनाकर पुलिस ने जांच की. लेकिन 10 अक्टूबर, 2014 को पुलिस ने इसे अनिर्णायक बताया.

पुलिस का कहना है कि मौत से पहले सुनंदा मानसिक रूप से परेशान थीं.पुलिस का कहना है कि मौत से पहले सुनंदा मानसिक रूप से परेशान थीं.

सुसाइड से मर्डर का रुख

सुनंदा की मौत के करीब एक साल बाद. 6 जनवरी 2015 को दिल्ली के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा कि पुष्कर ने सुसाइड नहीं किया. बल्कि उनकी हत्या हुई है. पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. उसके भी एक साल बाद यानी फरवरी, 2016 में दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने शशि थरूर से पूछताछ की. थरूर ने ड्रग ओवरडोज की बात दोहराई. अगले महीने, यानी मार्च 2016 में मेहर तरार भारत आईं. उन्होंने सुनंदा मौत मामले में कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया.

4 साल, 4 महीने बाद थरूर के खिलाफ चार्जशीट

दिल्ली पुलिस ने 15 मई, 2018 को इस मामले में चार्जशीट फाइल की. 3 हजार पन्नों की. इसमें थरूर पर गंभीर आरोप लगाए गए. उन पर सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा. साथ ही ये आरोप भी लगा कि वह अपनी पत्नी के साथ क्रूरता से पेश आते थे. जून, 2018 में शशि थरूर दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए. खुद को बेगुनाह बताया.

इस साल फरवरी से थरूर के खिलाफ केस की सुनवाई शुरू हो गई है. ड्रग ओवरडोज, सुसाइड, मर्डर और अब एक बार फिर से पुलिस इस केस की सुनवाई सुसाइड के एंगल से ही कर रही है. बता दें कि सुनंदा ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा था. अब देखना ये है कि क्या पुलिस कोर्ट में ये साबित कर पाएगी कि थरूर अपनी पत्नी को प्रताड़ित करते थे. या उनकी वजह से ही सुनंदा इतनी परेशान थीं कि उन्होंने सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठा लिया.

 

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