ड्रीम गर्ल : उस लड़के की कहानी जो हर आदमी के सपनों की मल्लिका है

कॉमेडी का घोल मिलाकर कड़वी खुराक देने वाली फिल्म.

नेहा कश्यप नेहा कश्यप
अगस्त 12, 2019
फिल्म 'ड्रीम गर्ल' के एक सीन में आयुष्मान खुराना.

बहुत साल पहले एक फिल्म आई थी. 'ड्रीम गर्ल'. हेमा मालिनी हिरोइन थीं. इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' का टैग दिया. इस साल इसी नाम की एक और फिल्म आ रही है, जिसमें आयुष्मान खुराना 'ड्रीम गर्ल' के रोल में हैं. ये एक कॉमेडी फिल्म है, जिसमें आयुष्मान के अलावा नुसरत बरुचा और अनु कपूर भी अहम रोल में हैं. 12 अगस्त को बालाजी मोशन पिक्चर्स ने यूट्यूब पर इसका ट्रेलर रिलीज किया. देखते ही देखते इस पर लाखों व्यूज आ गए हैं. अब बात करते हैं फिल्म के ट्रेलर पर.

क्या कहता है ट्रेलर

2 मिनट 52 सेकेंड का पूरा ट्रेलर बहुत गंभीर बातों को भी मजेदार तरीके से कहता है. पहले मजेदार वाले तरीके पर बात करते हैं.

ड्रीम गर्ल की कहानी लोकेश बिष्ट (आयुष्मान) की है, जो रामलीला में लड़कियों के किरदार करता है. उसके पास कुछ और टैलेंट भी हैं. वो न सिर्फ लड़कियों जैसी पतली आवाज में बात कर सकता है, बल्कि स्वेटर बुन सकता है. कढ़ाई कर लेता है. और साड़ी पहनने का हुनर भी रखता है.

लेकिन रामलीला में टाइम पास से घर तो चलेगा नहीं, इसलिए नौकरी खोजता है. जॉब मिलती है एक कॉल सेंटर में. जहां लड़कियों की आवाज में उसे कई सारे कस्टमर्स बनाने हैं. लोकेश का जादू चलता जाता है. लोकल पुलिस ऑफिसर्स से लेकर हरियाणवी गुंडे तक सब लोकेश यानी पूजा को चाहने लगते हैं. आखिर में पूजा किसे मिलती है, ये 13 सितंबर को फिल्म रिलीज होने पर ही पता चलेगा.

ladka_081219051515.pngफिल्म में कॉल सेंटर से फोन पर बात करते हुए आयुष्मान खुराना.

अब बात सीरियस मैसेज की

लोकेश के पिता (अनु कपूर) को पसंद नहीं कि वह सीता और राधा जैसे औरतों के रोल करे. एक सीन में वह कहते हैं,

‘तुमाई अम्मा ने कितने व्रत-उपवास करके एक लड़का पैदा करो, और तुम कभी सीता बन जाते हो, कभी राधा बन जाते हो. तुम्हें मालूम नहीं हैं हमपर कितना लोन है.’

लोकेश जैसे कितने ही लड़के हमारे आसपास होते हैं. लेकिन उन्हें 'छक्का', 'हिजड़ा', 'लुगाई' या 'मीठा' जैसे नामों से बुलाया जाता है. क्योंकि वह समाज में मर्दों के लिए तय पैमानों पर फिट नहीं बैठते. वह मां और भाभी के साथ बैठकर बातें करते हैं. अक्सर किचन में नजर आते हैं. उन्हें पता होता है कि साड़ी कैसे पहनी जाती है. उन्हें राधा या सीता का किरदार करने में झिझक नहीं होती.

ayu_081219052020.pngफिल्म में आयुष्मान रामलीला में सीता का रोल करते हैं.

फिल्म में अनु कपूर का डायलॉग ये बताने के लिए काफी है कि लोकेश जैसे लड़के हमारे लिए क्या हैं. तो प्रॉपर लड़का कैसा होता है? ज्यादातर लोगों के हिसाब से पुरुष वह है, जिसे खाना बनाना तो क्या थाली में परोसना भी न आता हो, जिसके लिए औरत, उसका बदन, उसके कपड़े रहस्य की तरह हो. जो रोता न हो. घर की औरतों से दूर रहता हो.

खुद को मर्द साबित करने प्रेशर लोकेश जैसे लड़कों पर भी है, जिसे न चाहते हुए भी उन्हें ढोना पड़ता है. वह चाहकर भी रसोई में या घर के कामों में भागीदारी नहीं ले सकते. वजह समलैंगिक या नामर्द कहे जाने का खौफ.

'बधाई हो', 'शुभ मंगल सावधान', 'टॉयलेट : एक प्रेम कथा', 'पैडमेन' वो कुछेक फिल्में हैं, जिनमें कॉमेडी के साथ गंभीर मुद्दों को उठाया गया. 'ड्रीम गर्ल' भी ऐसी ही कोशिश है. फिल्म के डायरेक्टर और राइटर राज शांडिल्य की ये कोशिश लोगों को कितनी पसंद आती है, ये तो समय के साथ ही पता चलेगा. फिलहाल फिल्म का ट्रेलर इंजॉय करिए.

ड्रीम गर्ल का ट्रेलर :

 

 

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