पुतुल सिंह: बीजेपी ने पार्टी से निकाल दिया, अब गोल्ड मेडलिस्ट बेटी कैम्पेनिंग कर रही है
बिहार के बांका से चुनाव में उतरने वाली ये पूर्व विधायक हैं कौन आखिर?
बिहार में एक लोकसभा सीट है- बांका की. यहां से दिग्विजय सिंह विधायक रहे. नहीं, कांग्रेस वाले दिग्विजय नहीं. ये दूसरे वाले हैं जिन्होंने नीतीश कुमार के साथ मिलकर पहले तो समता पार्टी बनाई थी. बाद में नीतीश को ही चुनौती देते निर्दलीय खड़े हुए थे. 1999 के लोकसभा चुनाव में जीत ने दिग्विजय सिंह के लिए सत्ता के गलियारे खोल दिए. वो दूसरी अटल सरकार में कई मंत्रालयों के मंत्री बने. 1999 से 2001 के बीच वो रेलवे के राज्यमंत्री रहे. 2001 की जुलाई और अगस्त में उन्हें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का राज्य मंत्री बनाया गया. 2002 में उन्हें विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री नियुक्त किया गया. यहां वो 2004 तक बने रहे. 2009 में जब दिग्विजय को जदयू से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने इंडिपेंडेंट चुनाव लड़ा था. जीत भी गए थे. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी पुतुल सिंह वहां 2010 में हुए उपचुनाव जीती थीं.
फिर जब 2014 में लोकसभा चुनाव हुए, तो पुतुल सिंह को बीजेपी का टिकट मिला. खड़ी हुईं राजद के जयप्रकाश नारायण यादव के अपोजिट. हार गईं. उसके बाद अब 2019 में फिर से लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं. बांका से पुतुल सिंह फिर चुनाव लड़ने जा रही हैं. लेकिन इस बार भी इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर. इसी साल मार्च के आखिरी हफ्ते में उन्होंने घोषणा की थी,
तस्वीर: फेसबुक
‘मैं बीजेपी के कार्यकर्ताओं की मांग पर इस सीट से चुनाव लड़ रही हूं. मैं मतदाताओं का समर्थन इकट्ठा करना चाहूंगी ताकि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को मजबूती मिल सके.’
लेकिन उनका ये डिसीजन सबको रास नहीं आया है.
असल में NDA (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस – बीजेपी के नेतृत्व में बने पार्टियों के गठबंधन का नाम) ने उस सीट से पहले ही गिरधारी यादव को टिकट दे दिया है. पुतुल सिंह बीजेपी की सदस्य हैं. अब अगर वो इंडिपेंडेंट चुनाव लड़ेंगी तो इसका मतलब वो अपनी ही पार्टी के खिलाफ जा रही हैं. पार्टी के गठबंधन के कैंडिडेट को अपोज कर रही हैं. इस वजह से बीजेपी ने पुतुल सिंह को पार्टी से ही निकाल दिया.
बिजनेस स्टैण्डर्ड में छपी रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी की तरफ से भेजा गया ऑफिस ऑर्डर कुछ ये कह रहा था:
‘अखबारों और दूसरे सूत्रों से पता चला है कि आपने बांका लोक सभा क्षेत्र से आधिकारिक NDA प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर परचा भरा है. यह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है और इसे पार्टी ने बेहद गंभीरता से लिया है. इस वजह से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से आपको छह साल के लिए निकाला जाता है.’
पुतुल सिंह की बेटी श्रेयसी सिंह अपनी मां के लिए कैम्पेनिंग करने मैदान में उतर चुकी हैं. श्रेयसी ने पिछले साल कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता था. विमेंस डबल ट्रैप शूटिंग में. अब अपनी मां के लिए कैम्पेनिंग कर रही हैं.हाल में ही समाचार एजेंसी ANI को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ,
तस्वीर: ANI
‘हम पार्टी के मौजूदा नज़रिए के खिलाफ हैं, पूरी पार्टी के खिलाफ नहीं. मेरे लिए कैम्पेनिंग इसलिए मुश्किल नहीं है क्योंकि मैं एक राजनैतिक परिवार से आती हूं. मैं एक पॉलिटिकल एनवायरनमेंट में बड़ी हुई और बांका के लोगों को बचपन से जानती हूं.’
श्रेयसी की नज़र ओलंपिक्स पर है. चुनाव खुद लड़ने का अभी कोई इरादा नहीं है.
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