कश्मीर पर हंगामे के बीच महबूबा मुफ्ती को लेकर घटियापन पर उतर आए हैं लोग

मुद्दा कोई भी हो, मां-बहन को बीच में लाने से नहीं चूकते लोग

कुसुम लता कुसुम लता
अगस्त 05, 2019
सांकेतिक फोटो

कश्मीर के लिए आज बड़ा दिन है. अच्छा या बुरा, ये हम नहीं कह सकते. लेकिन बड़ा दिन है. कई दिनों से चर्चा चल ही रही थी कि कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है. वो आज यानी 5 अगस्त को हो गया. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में आर्टिकल 370 को हटाने का संकल्प पेश किया. यह अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देता है. लेकिन अब इसका केवल खंड एक लागू रहेगा.

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख. ये दोनों केंद्र शासित प्रदेश होंगे, जिनमें से जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी. जबकि लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी. इस तरह भारत में अब 28 राज्य और 9 यूनियन टेरिटरी हो गए हैं.

खैर, इस फैसले से पहले ही कश्मीर में तैनात जवानों की संख्या बढ़ा दी गई थी. टूरिस्ट्स के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई थी कि वो जम्मू-कश्मीर से निकल जाएं. इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं. वहीं, 4-5 अगस्त की दरमियानी रात महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला, सज्जाद लोन समेत कई नेताओं को रात को ही नजरबंद कर दिया गया था.

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया. कश्मीर के लिए अपनी चिंता जाहिर की.

लेकिन इंटरनेट तो घटिया दिमाग वालों भरा ही हुआ है. वो इतने गंभीर मुद्दे पर भी घिनहेपन से बाज नहीं आए. लोग एक मीम शेयर करने लगे. मीम में था गैंग्स ऑफ वासेपुर का एक सीन. इस सीन में दुर्गा (रीमा सेन) और सरदार खान (मनोज वाजपेयी) थे. मीम में दुर्गा को महबूबा से और सरदार खान को अमित शाह से रिप्लेस कर दिया गया. कैप्शन लिखा है, जो उस सीन में सरदार खान का डायलॉग भी था- कांप काहे रही हो?

यह मीम सिर्फ महबूबा नहीं, अमित शाह के लिए भी उतना ही अपमानजनक है. उस सीन से मुफ्ती और शाह को जोड़ना कितना घटिया है, ये समझने के लिए आप पहले पूरा सीन जान लीजिए.

दुर्गा एक हैंडपंप में कपड़े धो रही है. उसे वहां देखकर सरदार खान उसकी तरफ बढ़ता है. दुर्गा बाल्टी में कपड़े लेकर वहां से निकलती है. रास्ते में सरदार खान दुर्गा का हाथ पकड़कर उसे रोक लेता है. उसके अंदर औरत के शरीर की जितनी भूख होती है, उतनी भूख से वो दुर्गा को देखता है. उसके शरीर का मुआयना करते हुए पूछता है- किसकी लड़की हो. इतनी बड़ी हो गई शादी नहीं हुई अब तक. वो न में सिर हिलाती है. सरदार खान कहता है- लाओ हम तुम्हारा बोझ उठाते हैं और उसके हाथ से बाल्टी ले लेता है. इसके बाद दूसरे हाथ से वो दुर्गा के गाल पकड़ लेता है. बेहद गंदे तरीके से. और कहता है- कांप काहे रही हो, कोई अभी तक छूआ नहीं का?

ये सच है कि सरकार का ये कदम अमित शाह को महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला या किसी और कश्मीरी नेता से एक कदम आगे रखता है. लेकिन क्या इसका सेक्सुअल कनोटेशन होना जरूरी है. दो सीनियर नेताओं पर इस तरह के ओछे मीम बनना, बेहद शर्मनाक है. उससे भी ज्यादा प्रॉब्लमैटिक है लोगों का उस घटिया मीम में मज़ाक ढूंढ़ना.

गृहमंत्री अमित शाहगृहमंत्री अमित शाह

इस पूरे मसले पर सोशल मीडिया सोशल मीडिया मां-बहन की गालियों से भरा पड़ा है. कोई कश्मीरियों की मां-बहन को याद कर रहा है, तो कोई कश्मीरियों से अपील कर रहा है कि वो बाकियों की मां-बहन के अंग विशेष पर फोकस करें. मतलब मुद्दा कोई भी हो. मां-बहन के यौनांगों को याद करना मानो जरूरी मान लिया गया है.

इस तरह के भद्दे मीम्स बनते रहे हैं. आज महबूबा मुफ्ती हैं. महिला नेता और अभिनेत्रियां इस तरह के मीम्स की शिकार बनती रही हैं. इनका हिस्सा बनकर, इस तरह के जोक्स शेयर कर आप उस महिला की सारी उपलब्धियों को उसकी वजाइना पर समेट देते हैं.

बात कश्मीर की हो रही है तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की पहली और इकलौती महिला मुख्यमंत्री रही हैं.

सरकार के फैसले के बाद कुछ लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं. खैर, कश्मीर में माहौल तनावपूर्ण है, हजारों जवान तैनात हैं. वहां के लोगों में डर है, गुस्सा है. हमें उम्मीद और दुआ करनी चाहिए कि धरती के स्वर्ग में जल्द से जल्द शांति बहाल हो.

 

 

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