फिल्म रिव्यू: 'लव सोनिया'

प्रोस्टिट्यूशन का उघड़ा रूप दिखाती फिल्म

आपात प्रज्ञा आपात प्रज्ञा
सितंबर 13, 2018
एक बहन की ज़द्दोजहद की कहानी-'लव सोनिया'. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

‘तू जानती है न मुझे, रूकने वाली नहीं हूं मैं. कुछ भी हो जाए प्रीति, कैसे भी ढूंढ कर निकालूंगी तुझे- लव सोनिया...’

लव सोनिया, ये फिल्म एक बहन की ज़द्दोजहद की कहानी है. बहन जो निकली है अपनी बहन को ढूंढने. उसे कुछ नहीं पता वो कहां जा रही है, क्या करने जा रही है, कैसे लोग मिलेंगे उसे. बस पता है तो इतना कि उसकी बहन कहीं चली गई है. उसे ढूंढ कर लाना है, चाहे जो करना पड़े.

मुम्बई से कुछ दूर एक छोटे से गांव से शुरू होती है ये फिल्म. गांव में एक घर है. पिता किसान हैं और मां उनका हाथ बंटाती है. दो बेटियां हैं, सोनिया और प्रीति. सोनिया को सांड कहता है उसका पिता. वो थोड़ी काली है और प्रीति खूबसूरत. पिता इस दुख में है कि एक बेटा नहीं है. बेटा होता तो उसका हाथ बंटाता. मां बेटियों और पिता में सामांजस्य बिठाने की कोशिश में लगी रहती है. किसी तरह जीवन चल रहा है. चल क्या रहा है, कट रहा है.

सोनिया को सांड कहता है उसका पिता. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब सोनिया को सांड कहता है उसका पिता. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

सोनिया और प्रीति के जीवन में खुशी तब आती है जब वो स्कूल जाती हैं. मस्ती करती हैं. खेल खेलती हैं. ईमेल चलाती हैं. एक दोस्त भी है, अमर. जो नए-नए करतब करके सोनिया को खुश करना चाहता है. वो उससे प्यार करता है. पूछता है मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी? सोनिया उसको बुरा-भला कहकर चली जाती है.

ईमेल इस फिल्म में एक कैरेक्टर की तरह है. सोनिया अपनी बहन को ईमेल लिखती है. अमर सोनिया को ईमेल लिखता है. ईमेल सोनिया के लिए बेहद ज़रूरी है.

पिता किसान हैं और मां उनका हाथ बंटाती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब पिता किसान हैं और मां उनका हाथ बंटाती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

सोनिया और प्रीति का जीवन तब पलट जाता है जब उनके पिता प्रीति को बेच देते हैं. पिता कर्ज़ न चुका पाने से परेशान है. अपनी पत्नी के कुछ कहने पर कहता है- ‘लटक जाएंगे तो रोते रहना तीनों...’ इस सबसे बचने के लिए वो प्रीति को बलदेव सिंह के यहां बेच देता है. बलदेव गांव का ठाकुर है. वो प्रीति को प्रोस्टिट्यूशन के धंधे में धकेल देता है.

भारत में प्रोस्टिट्यूशन को लेकर कोई स्पष्ट कानून नहीं है. संविधान के अनुसार The immoral traffic (Suppression) Act, 1956 और Immoral Traffic (Prevention) Act, 1986, ये दो एक्ट्स हैं जिनके अनुसार कोई भी महिला(पुरुष प्रोस्टिट्यूशन को भारत में नहीं माना जाता) अपने प्राइवेट स्पेस में प्रोस्टिट्यूशन कर सकती है लेकिन पब्लिक प्लेस में प्रोस्टिट्यूशन गैरकानूनी है. यानी कोठा चलाना या प्रोस्टिट्यूशन को धंधे की तरह चलाना गैरकानूनी है.

प्रोस्टिट्यूशन एक धंधा है. इसके लिए लड़कियों को खरीदा-बेचा जाता है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब प्रोस्टिट्यूशन एक धंधा है. इसके लिए लड़कियों को खरीदा-बेचा जाता है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

अब सच्चाई ये है कि भारत के कई महानगरों में बड़े-बड़े रेड लाइट एरियाज़ हैं. जहां प्रोस्टिट्यूशन एक धंधा है. इसके लिए लड़कियों को खरीदा-बेचा जाता है. मुंबई के ऐसे ही एक रेड लाइट एरिया में सोनिया फंस जाती है. सोनिया को नहीं पता कि प्रीति कहां गई है. उसने बस उस औरत को देखा है जिसके साथ प्रीति जाती है. वो भी उस औरत के साथ निकल पड़ती है प्रीति को ढूंढने. अब यहां से शुरू होता है सोनिया का प्रीति को ढूंढने का सफर. हिन्दी वाला सफर नहीं अंग्रेज़ी वाला सफर(suffer). वो सबकुछ करने को तैयार है बस उसे प्रीति से मिलना है. उस रेड लाइट एरिया में वो मिलती है माधुरी, रश्मि और उनकी ही तरह वहां रहने वाली सैकड़ों प्रोस्टिट्यूट्स से. सबकी अपनी कहानी है. कोई किसी वजह से तो कोई किसी और वजह से वहां फंसा हुआ है.

मुंबई के एक रेड लाइट एरिया में सोनिया फंस जाती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब मुंबई के एक रेड लाइट एरिया में सोनिया फंस जाती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

ये फिल्म एक बहन की अपनी बहन को ढूंढने की कोशिश में प्रोस्टिट्यूशन और मानव तस्करी यानी ह्यूमन ट्रैफेकिंग की सभी परतों को खोल कर हमारे सामने रखती है. कैसे सोनिया फैज़ल के चंगुल में फंस जाती है. वो लड़ती है, भागने की कोशिश करती है. फिर उसी दलदल में आ जाती है. किसी भी हालत में बस अपनी बहन तक पहुंचना चाहती है.

अंजली लड़कियों को खरीदकर प्रोस्टिट्यूशन के धंधे में बेच देती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब अंजली लड़कियों को खरीदकर प्रोस्टिट्यूशन के धंधे में बेच देती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

सोनिया अपनी बहन को बचाने के लिए खुद इस धंधे में आती है. अब ये उसे कहां ले जाता है. सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में प्रोसटिट्यूट्स के साथ किस तरह का व्यवहार होता है. सोनिया जैसी लड़कियों को भारत से हॉन्गकॉन्ग और फिर वहां से लॉस एंजिलस ले जाया जाता है. सोनिया प्रीति को ढूंढ पाती है कि नहीं ये ही फिल्म की कहानी है. इस सफर में उसे क्या-क्या देखना पड़ता है, किस तरह की ज़िन्दगी जीनी पड़ती है, कैसे वो इस धंधे से बचती है, बचती है भी कि नहीं, अपनी बहन को बचा पाती है कि नहीं, इन सारे सवालों के जवाब फिल्म देखकर मिलेंगे.

फिल्म डायरेक्ट की है तबरेज़ नूरानी ने. वही डायरेक्टर जिसने ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ डायरेक्ट की थी. लव सोनिया के प्रोड्यूसर हैं डेविड वोमार्क.

राजकुमार राव. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब राजकुमार राव. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

सोनिया का किरदार निभाया है मृणाल ठाकुर ने. ये उनकी पहली फिल्म है. मृणाल की एक्टिंग लजावाब है. उनकी बहन प्रीति बनी हैं रिया सिसोदिया. माधुरी को पर्दे पर चित्रित किया है ऋचा चड्डा ने. फ्रीडा पिंटो रश्मि बनी हैं. सोनिया के पिता बने हैं आदिल हुसैन. फिल्म में राजकुमार राव भी हैं. राजकुमार राव ने मनीष का किरदार निभाया है. मनीष एक एनजीओ के लिए काम करते हैं. ये एनजीओ प्रोस्टिट्यूशन में फंसी लड़कियों को बचाने का काम करता है. फिल्म में मनोज बाजपेयी और अनुपम खेर भी हैं. मनोज बाजपेयी उस वेश्यालय के प्रमुख बने हैं जहां सोनिया आती है. अनुपम खेर ने बलदेव सिंह का किरदार निभाया है. इनके अलावा सई तम्हाणकर, सनी पवार, डेमी मूरे, मार्क डूपलेस और अभिषेक भराते भी फिल्म में हैं.

ये फिल्म हमारे ज़हन में पैठ जाती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब ये फिल्म हमारे ज़हन में पैठ जाती है. फोटो क्रेडिट- यूट्यूब

सनी पवार का किरदार केवल एक दृश्य में है लेकिन ये बच्चा अपने इस छोटे से रोल में भी अपनी छाप छोड़ जाता है.

मृणाल को आपने टीवी सीरियल कुमकुम भाग्य में बुलबुल के किरदार में देखा है. चुलबुली बुलबुल के किरदार से डरी-सहमी पर दृढ़निश्चयी सोनिया तक मृणाल ने बेहतरीन काम किया है. फिल्म में बॉलीवुड के मसाला डायलॉग्स कम हैं. ये अपनी कहानी और दृश्यों के ज़रिए ही सबकुछ कह जाती है. ये कहानी हम सब जानते हैं. कहीं-न-कहीं सुनते हैं. लोगों से, अखबारों में, रिपोर्ट्स में, मैग्ज़ीन्स में, वेबसाइट्स पर, सरकारी और गैर सरकारी आंकड़ों की दुनिया में लेकिन हमें फर्क नहीं पड़ता. हम एक कान से सुनते हैं दूसरे से निकाल देते हैं. ये फिल्म हमारे ज़हन में पैठ जाती है. हमें सोचने पर मजबूर करती है. प्रोस्टिट्यूशन की दुनिया की सच्चाई को इतने नंगे रूप में दिखाया है कि इस बार हम आंख नहीं फेर पाएंगे.   

'लव सोनिया' का ट्रेलर यहां देखिए- 

 

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