वो बीमारी जिसकी वजह से औरत को यौन संबंध बनाने के दौरान हद से ज़्यादा दर्द होता है

इसका इलाज है इसलिए सहना बंद करिए.

सरवत फ़ातिमा सरवत फ़ातिमा
दिसंबर 07, 2018
ये आपकी सेहत का सवाल है तो खुलकर बात करिए. फ़ोटो कर्टसी: Pixabay

1. 25 साल की शिव्या (नाम बदल दिया गया है) की शादी को लगभग दो साल हो गए थे. इन दो सालों में उसके और उसके पति के बीच में काफ़ी दूरियां आ गई थीं. वजह थी उनके बीच का शारीरिक संबंध. सेक्स के दौरान शिव्या को काफ़ी दर्द होता था. इतना कि वो अक्सर सेक्स करने से मना कर देती थी. शिव्या को समझ में नहीं आ रहा था वो क्या करे. ऐसा क्या दुनिया में अकेले उसके साथ हो रहा था? जवाब है नहीं.

2. मिलिए 35 साल की स्वाति से. उसकी कहानी उसी की जुबानी सुन लीजिए:

“मैंने शादी नहीं की. मैं करना भी नहीं चाहती. मैं 21 साल की थी जब मैंने पहली बार सेक्स किया था. मुझे ऐसा दर्द हुआ था मानो कोई खंजर मार रहा हो. उसके बाद में ने 4-5 बार कोशिश की. पर हर बार ऐसा ही दर्द होता था. इसलिए अब सेक्स करने की इक्छा ख़त्म हो चुकी है.”

3. राधिका (नाम बदल दिया गया है) पेशे से टीचर हैं. 40 की होने वाली हैं. दो बच्चे भी हैं. पर उनकी भी यही कहानी है. सेक्स के दौरान हद से ज़्यादा दर्द. इसलिए उनके शारीरिक संबंध बनाने में दिक्कत होती है. पर इन तीनों के बीच में और भी आम कड़ियां हैं. तीनों ने सालों बहुत सहा फिर इसे अपनी किस्मत मान लिया. न इसके बारे में खुलकर बात की और नहीं की कभी किसी डॉक्टर को दिखाया. ये इनकी सबसे बड़ी गलती थी.

***

1_120718090714.jpegऔरतों के पास चुप-चाप सहने के अलावा कोई चारा नहीं होता. और यही हमारे समाज की दिक्कत है. फ़ोटो कर्टसी: Pixabay

जब बात मर्दों की आती है तो देशभर की दीवारें ‘मरदाना कमज़ोरी’ के इलाज के साथ रंगी हुई हैं. हर गली-नुक्कड़ पर कोई बाबा बैठा है जो किसी जड़ी-बूटी से मर्दों की ‘दिक्कतों’ का इलाज कर सकता है. इसका ऐलान वो अपने टेंट के बाहर लगे स्पीकर से दिनभर करता है. अरे! जिन वजहों से पुरुषों को सेक्स करने में दिक्कत होती है उन वजहों पर फ़िल्में तक बन चुकी हैं. पर यही बात जब एक औरतों की सेक्शुअल हेल्थ पर आती है, तो सब चुप. मौत जैसा सन्नाटा. लाज-शर्म का घूंघट ओढ़ लिया जाता है. औरतों के पास चुप-चाप सहने के अलावा कोई चारा नहीं होता. और यही हमारे समाज की दिक्कत है.

शिव्या, स्वाति, और राधिका. इनकी दिक्कत बड़ी आसानी से सुलझाई जा सकती थी, अगर वो खुलकर बात कर पातीं. क्या आपको पता है? दुनियाभर में 40 प्रतिशत से ज़्यादा औरतों को सेक्स के दौरान बर्दाश्त के बाहर दर्द होता है. ये नॉर्मल नहीं है. और न ही ये उनकी किस्मत है. ये एक बीमारी की वजह से होता है. अंग्रेजी में इसे कहते हैं फीमेल सेक्शुअल डिसफंक्शन.

क्या होता है फीमेल सेक्शुअल डिसफंक्शन?

इस बीमारी के बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमने डॉक्टर अनुराधा कपूर से बात की. अनुराधा एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और मैक्स अस्पताल नई दिल्ली में काम करती हैं. वो बताती हैं-

“देखिए, अगर सरल शब्दों में समझें तो फीमेल सेक्शुअल डिसफंक्शन का मतलब हुआ मर्ज़ी होते हुए भी सेक्स न कर पाना. सोचिए कोई महिला अपनी मर्ज़ी से सेक्स कर रही है. उसका पार्टनर उसे एक्साइट करने के लिए सब कर रहा है. पर फिर भी, जितना पर्याप्त गीलापन एक महिला को सेक्स करने में मदद करता है, वो हो नहीं हो पा रहा है. इसकी वजह से सेक्स के दौरान दर्द होता है. ये किसी को भी हो सकता है. किसी भी उम्र में.”

फीमेल सेक्शुअल डिसफंक्शन के क्या लक्षण हैं?

डॉक्टर लवलीना नादिर दिल्ली में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं. वो फीमेल सेक्शुअल डिसफंक्शन के कुछ लक्ष्ण बताती हैं. जैसे:

-सेक्स करने का मन न करना

-सेक्स के दौरान हद से ज़्यादा दर्द होना

-ऑर्गाज़्म न होना

-पर्याप्त गीलापन न होना

bed_120718090754.jpgये किसी को भी हो सकता है. किसी भी उम्र में. फ़ोटो कर्टसी: Pixabay

क्या वजह है फीमेल सेक्शुअल डिसफंक्शन की?

डॉक्टर लवलीना नादिर और अनुराधा कपूर की मानें, तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. जैसे जिन औरतों को दिल की बीमारी, डायबिटीज़, या हॉर्मोनल इम्बैलेंस होता है, उन्हें फीमेल सेक्शुअल डिसफंक्शन होने के चांसेज़ ज़्यादा होते हैं. इन वजहों से ये बीमारी उन औरतों में ज़्यादा होती है, जो 40 पार कर चुकी हैं या जिन्हें मेनोपॉज होने वाला होता है.

कई औरतें जो 20, 30, या 40 साल के बीच में हैं, उन्हें भी ये बीमारी होती है. कई बार इसकी वजह मानसिक होती है. जैसे एंग्जायटी, स्ट्रेस, कॉन्फिडेंस की कमी, पास्ट में हुआ कोई हादसा, सेक्स का डर या उससे चिढ़. सेक्स को आप किस नज़र से देखते हैं, इस बात का बहुत असर पड़ता है. कई औरतों में ये इसलिए होता है क्योंकि उनको बचपन से सीखाया गया होता है कि सेक्स एक गंदी चीज़ होती है. एन्जॉय करने की चीज़ नहीं. इसीलिए वो ज़िन्दगी भर इस सोच के साथ रहती हैं.

इसका इलाज क्या है?

डॉक्टर अनुराधा कपूर बताती हैं कि औरतों को सबसे पहले तो किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए. वो उनके पेडू (Abdomen) का मुआयना करेंगी. आपके कई टेस्ट होंगे, ये देखने के लिए कि कहीं आपको पेशाब का कोई इन्फेक्शन या सेक्स के दौरान कोई इन्फेक्शन तो नहीं हुआ है. साथ ही और भी बीमारियों के टेस्ट होंगे जैसे गोनोरिया, हर्पीस, और क्लैमाइडिया. ये सारे सेक्स की वजह से होने वाले इन्फेक्शन हैं और इनकी वजह से बहुत दर्द होता है. इसलिए इनका टेस्ट होना ज़रूरी है. पर अगर दिक्कत मानसिक है तो उसका एक ही इलाज है- बात करना. अगर आप इस बीमारी से ग्रसित हैं, तो खुलकर अपने डॉक्टर से बात करिए. उन्हें बताइए कि आपको किस चीज़ का डर है. इसके बाद हो सकता है, वो आपको काउंसलिंग के लिए भेजें.

counselling_120718090829.jpegअगर दिक्कत मानसिक है तो उसका एक ही इलाज है-बात करना. फ़ोटो कर्टसी: Pixabay

क्या ये बीमारी ठीक हो सकती है?

ये निर्भर करता है कि आपको किस वजह से ये बीमारी है. मतलब हर औरत की वजह अलग हो सकती है. इसलिए इसका इलाज भी अलग होता है. अगर वजह दिल की कोई बीमारी, डायबिटीज़, या कोई और है तो उसके लिए दवाइयां हैं. साथ ही लाइफस्टाइल में बदलाव लाने से भी असर पड़ता है. अगर वजह मानसिक है, ख़ासतौर पर अगर किसी हादसे की वजह से आप सेक्स एन्जॉय नहीं कर पातीं तो आपको साईंकोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए. वहां आपकी थेरेपी होगी.

पर सबसे ज़रूरी बात. चुप-चाप सहना बंद करिए. इसमें कोई शर्म की बात नहीं. ये आपके सेहत का सवाल है.

 

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