चालू खाता और बचत खाता में क्या अंतर होता है?

कई लोगों को अकाउंट खुलवाने के बाद भी नहीं पता होता कि उनका कौन सा अकाउंट है.

नेहा कश्यप नेहा कश्यप
अप्रैल 25, 2019

बचपन से हम सभी ने अपनी माओं को थोड़ा-थोड़ा कर पैसे जोड़ते, उन्हें कभी लॉकर में तो कभी गुल्लक या चावल के डिब्बे में छिपाकर रखते देखा है. पूछने पर कहती हैं वक्त-बेवक्त रुपये काम आएंगे. लेकिन पैसे रखने के लिए बैंक से ज्यादा फायदेमंद और सुरक्षित जगह कोई नहीं है.

हालांकि, पैसे जोड़ने में माहिर हमारी मां और दादियों की हमउम्र ज्यादातर महिलाओं को बैंक से संबंधित बातों की पूरी जानकारी नहीं होती है. दरअसल, बैंकों के ज्यादातर काम घर के पुरुष सदस्य ही करते हैं. कई महिलाओं के नाम पर तो बैंक अकाउंट भी नहीं होते हैं.

आपके नाम से कम से कम एक बैंक में अकाउंट जरूर होना चाहिए. लेकिन कौन सा अकाउंट खुलवाएंगी? चालू खाता या बचत खाता? दोनों में क्या अंतर होता है? नहीं पता? हमने इस बारे में एसबीआई की जबलपुर ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर से बात की. उन्होंने हमें बचत और चालू खाते में ये अंतर बताए.

rupee_2018-770x433_042319082752-750x500_042519065040.jpg

चालू खाता

बैंक में नॉर्मली बिजनेसमैन, कंपनी और कारोबरियों के लिए चालू खाते यानी करेंट अकाउंट खोले  जाते हैं. ये अकाउंट सुविधा और कारोबारियों के लेवल के हिसाब से कई तरह के होते हैं. जैसे, प्रीमियम करेंट एकाउंट, रेगुलर करेंट एकाउंट, फ्लेक्सी करेंट एकाउंट वगैरह. 

बिजनेस की वजह से अकाउंट होल्डर दिन में कई बार बैंक में पैसे जमा करते हैं और निकालते हैं. आप ऐसे समझिए कि एक बिजनेस में पैसों से जुड़ी जो भी जरूरतें होती हैं, वो सुविधाएं मिलती हैं. लेकिन इस चालू खाता रखने के कुछ फायदे होने के साथ-साथ कुछ नुकसान भी होते हैं. पहले फायदे जानते हैं.

फायदा

-चालू खाते में ओवर ड्राफ्ट की सुविधा मिलती है. ओवर ड्राफ्ट यानी खाते में जितना पैसा नहीं है, उससे ज्यादा निकाल सकते हैं. मान लीजिए किसी व्यापारी ने बैंक से कहा कि उसे एक लाख रुपये की जरूरत है, लेकिन उसके खाते में सिर्फ 40,000 रुपये ही हैं. लेकिन उसके पास कहीं से 90,000 रुपये भी आने वाले हैं. तो बैंक कहेगा कि आप एक लाख रुपये चेक से निकाल लें. 

-खाते में ट्रांजेक्शन (पैसा जमा करने-निकालने) की कोई लिमिट नहीं होती.

-इसके अलावा चालू खाते में लोकल चेक कलेक्शन, मुफ्त कैश डिपॉजिट, बड़ी रकम पर डिमांड ड्राफ्ट जारी करने की फ्री सुविधा भी होती है.

नुकसान

-आपको चालू खाते में पड़े रुपये पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा. हां, लेकिन अगर आपके चालू खाते पर कोई फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) है, तो उसपर एफडी के ब्याज के रेट हिसाब से ब्याज मिलेगा.

-चालू खाते के मेंटेनेंस का पैसा आपके अकाउंट में पड़े पैसों से कटता है.

money2-770x433-750x500_042519065101.jpg

बचत खाता

बचत खाता छोटी-छोटी बचत, फिक्स इनकम जैसे सैलरी के लिए खोलते हैं. स्टूडेंट, हाउस मेकर, पेंशनर और वरिष्ठ नागरिक वगैरह.

ये खाता दो तरीके का होता है. सिंगल और जॉइंट अकाउंट. यानी एक इंसान का या दो लोगों का एक ही खाता. बचत खाता आप सिर्फ खुद के नाम से या अपने साथ किसी किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से भी खुलवा सकती हैं.

आप ये खाता आप 1000 रुपये से 5000 रुपये देकर खुलवा सकती हैं. खाते से पैसा निकालने के तीन तरीके होते हैं. पैसा निकालने वाला फॉर्म भरकर, एटीएम से और चेक के जरिये. इस खाते में 10 लाख रुपये से ऊपर के किसी भी लेन-देन की जानकारी आयकर विभाग को दी जाती है. 

सुविधाओं के लिहाज से अब बैंकों ने अपने बचत खातों को कई हिस्सों में बांट दिया है. जैसे, बेसिक सेविंग अकाउंट, रेगुलर सेविंग अकाउंट, सेविंग प्लस अकाउंट वगैरह.

बेसिक सेविंग अकाउंट खोलने पर एटीएम कार्ड मिलता है. आप चाहें तो क्रेडिट कार्ड भी ले सकती हैं. 

रेगुलर सेविंग अकाउंट में इंटरनेशनल डेबिट कार्ड, एनईएफटी से फंड ट्रांसफर, सेफ डिपॉजिट लॉकर, स्वीप इन सुविधा, मोबाइल बैंकिंग, बिल भुगतान आदि की सुविधा दी जाती है.

सेविंग प्लस अकाउंट में उच्च स्तर के बचत खातों में इंटरनेशनल डेबिट कार्ड के अलावा, पर्सनलाइज्ड चेक, पेएबल ऐट पार चेकबुक, इंटरसिटी और मल्टी सिटी बैंकिंग, लॉकर रेंटल पर छूट, गोल्ड बार वगैरह खरीदने में विशेष छूट की सुविधा दी जाती है. 

ऐसे समझिए कि जितनी ज्यादा आपकी फिक्स इनकम होगी, उतना ज्यादा आपके अकाउंट के साथ सुविधाएं जुड़ती जाएंगी. बैंक के लिए सेविंग अकाउंट में एवरेज बैंलेंस मैटर करता है. यानी किसी महीने अकाउंट में 50,000 और किसी महीने 500 नहीं होने चाहिए. अकाउंट में 20,000 से 25,000 रुपये हर महीने एवरेज रहें. 

फायदा

-आपको अकाउंट में जमा पैसों पर ब्याज मिलेगा. सभी बैंकों में सेविंग अकाउंट पर सालाना ब्याज दर अलग-अलग होती है. मौजूदा समय में एसबीआई की ब्याज दर 3.4 परसेंट है. सभी बैंकों की औसत सेविंग अकाउंट ब्याज दर का औसत 4 परसेंट है. 

- इस खाते पर भी सुविधाएं मिलती हैं. जैसे बिजली का बिल, टेलीफोन बिल, ई-बैंकिंग की सुविधा वगैरह. ये सब ऑनलाइन होता है. इंटरनेट के जरिये.

- इस खाते से आप मकान के लोन, पर्सनल लोन, कार के लोन को ईएमआई (हर महीने की किस्त) से भर सकती हैं.

- इस अकाउंट से दूसरे व्यक्ति के अकाउंट में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फंड ट्रांसफर (ईएफटी) भी कर सकती हैं.

- डिपॉजिट लॉकर, स्वीप इन सुविधा, मोबाइल बैंकिंग, बिल भुगतान आदि की सुविधा दी जाती है.

-सेविंग प्लस अकाउंट और उससे ज्यादा फिक्स इनकम वाले अकाउंट में इंटरनेशनल डेबिट कार्ड के अलावा, पर्सनलाइज्ड चेक, पेएबल ऐट पार चेकबुक, इंटरसिटी और मल्टी सिटी बैंकिंग, लॉकर रेंटल पर छूट, गोल्ड बार आदि खरीदने में विशेष छूट की सुविधा दी जाती है.

-बचत खाते पर मेंटेनेंस का पैसा नहीं कटता है.

नुकसान

-आप अकाउंट में जितने भी पैसे हैं. पूरे नहीं निकाल सकतीं. तकरीबन 1000 रुपये उसमे छोड़ने होंगे. तभी पूरे निकाल सकेंगी, जब अकाउंट बंद करना हो.

-महीने में पैसों के निकालने की लिमिट होगी. ये दो से पांच तक हो सकती है. जैसे कि मान लीजिए आपके अकाउंट का एवरेज बैलेंस 25,000 रुपये रहता है, तो आप तीन बार पैसे निकाल सकती हैं. जिसके अकाउंट में 50,000 रुपये एवरेज रहता है, वो 5 बार निकाल सकेगा. इसके अलावा पैसा निकालने पर पैसा कटेगा.

- 50,000 रुपये या उससे ज्यादा पैसे जमा करने पर पैन (परमानेंट एकाउंट नंबर) देना पड़ेगा. अगर बैंक मैनेजर को लगता है कि आप जितना कमा नहीं रहे उससे ज्यादा ला-लाकर जमा कर रहे हो, तो वो आपसे पूछ सकता है कि इतना पैसा कहां से आया.

-बचत खाते में भले ही कितने भी पैसे हों. आपको उनके आधार पर लोन यानी कर्जा नहीं मिलेगा. जैसे कि आप चाहें कि अकाउंट में 50,000 रुपये हैं, लेकिन एक लाख रुपये निकाल लें. तो ये नहीं हो सकेगा.

 

लगातार ऑडनारी खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करे      

Copyright © 2024 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today. India Today Group