बुजुर्ग, बीमार, अपाहिज मर्दों से शादी करने के लिए बच्चियों को ख़रीदा जा रहा है

जितनी छोटी लड़की, उसकी उतनी कीमत.

सरवत फ़ातिमा सरवत फ़ातिमा
जनवरी 03, 2019
म्यांमार से तस्करी कर उन्हें चीन में बेचा जाता है. फ़ोटो कर्टसी: Reuters

हिंदुस्तान से करीब 3000 किलोमीटर दूर एक देश है. म्यांमार. इसका पुराना नाम बर्मा था. इस देश का बॉर्डर हिंदुस्तान के साथ-साथ चीन से भी जुड़ा है. भारत-पाकिस्तान की तरह, चीन और म्यांमार में भी नहीं पटती. इसका खामियाजा सबसे ज़्यादा भुगतना पड़ता है म्यांमार में रहने वाली औरतों और बच्चियों को. जिनको तस्करी कर चीन भेजा जाता है और वहां इनकी ज़बरदस्ती शादी करवा दी जाती है.

इसकी एक बड़ी वजह है चीन की तादाद. यानी पॉप्यूलेशन. कई सालों तक चीन में लोग सिर्फ एक बच्चा पैदा कर सकते थे. इससे ज्यादा पर रोक थी. इसके चलते यहां आदमी ज़्यादा हैं और औरतें कम. लगभग तीन करोड़ का अंतर है दोनों में. अब शादी करने के लिए लड़कियां मिल नहीं रहीं. इसलिए कम्बोडिया, म्यांमार, और वियतनाम जैसे देशों से लड़कियों को चीन लाया जाता है. कई बार लड़कियों को पता होता है कि उनके साथ क्या होने वाला है और कई बार नहीं. उन्हें झूठ बोलकर देश के बाहर लाया जाता है. उनकी ज़बरन शादी करवा दी जाती है.

एक रिपोर्ट आई है. जिसे जॉन्स हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने निकाला है. उसके मुताबिक चीन में 7,500 लड़कियों की ज़बरदस्ती शादी करवाई गई है. ये लड़कियां उन इलाकों से हैं जहां जंग चलती रहती है. जैसे काचिन नाम की एक जगह है. और म्यांमार का उत्तरी हिस्सा.   

एएफ़पी नाम की न्यूज़ एजेंसी ने इन लड़कियों से बात की. उनमें से कई ख़ुद को बचाकर म्यांमार वापस भाग आईं. कई अभी भी चीन में ही फंसी हैं. इन लड़कियों ने बताया कि इनको ज़बरदस्ती प्रेगनेंट किया जाता है.

rtr1ooej_010319045933.jpgऐसी शादियां कई बार लड़की के परिवारवाले या गांव के बड़े-बुज़ुर्ग तय कर देते हैं. फ़ोटो कर्टसी: रायटर्स (सांकेतिक तस्वीर)

म्यांमार में कई सालों से लड़ाई चल रही है. इसके चलते वहां ग़रीबी है. औरतें इन सबसे बचने के लिए म्यांमार छोड़कर भाग जाती हैं. इसका फ़ायदा तस्करी करने वाले उठाते हैं. चीन में भी शादी के लिए लड़कियों की बहुत डिमांड है. सू (नाम बदल दिया गया है) को तीन बार चीन में तस्करी कर बेचा गया था. हर बार उससे ज़बरदस्ती बच्चा पैदा करवाया गया.

वो कहती है:

“म्यांमार में राजनीति बहुत उथल-पुथल रहती है. जिसकी वजह से यहां लड़ाई है. लोग ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा कर लेते हैं. औरतों की सेफ़्टी एक बड़ी मुसीबत है.”

ऐसी शादियां कई बार लड़की के परिवारवाले या गांव के बड़े-बुज़ुर्ग तय कर देते हैं. लड़कियों को कोई यहां कुछ समझता नहीं है. उनसे पूछा भी नहीं जाता. लड़की जितनी ज़्यादा छोटी होती है, उसका उतना दाम लगता है. लड़कियों की कीमत सात लाख से लेकर 10 लाख तक लगाई जाती है.

इन लड़कियों की शादी चीन में रहने वाले बुज़ुर्ग, बीमार, या अपाहिज आदमियों से की जाती है. इसलिए क्योंकि चीन में लड़कियां उनसे शादी करने के लिए तैयार नहीं होती. जिन लड़कियों को तस्करी कर देश में लाया जाता है, उनके पास कानूनी कागज़ात नहीं होते. इसलिए वो फंस जाती हैं.

rtr3g24l_010319045955.jpgम्यांमार में कई सालों से लड़ाई चल रही है. इसके चलते वहां ग़रीबी है. फ़ोटो कर्टसी: रायटर्स (सांकेतिक तस्वीर)

ऐसा नहीं है कि शादी के बाद इन लड़कियों को बीवी का दर्जा मिलता है. इनका काम बच्चा पैदा करना होता है. बस. इसके बाद उन्हें घर से निकाल दिया जाता है या बेच दिया जाता है. ताकि उन पैसों की भरपाई हो सके जो उन्हें ख़रीदने में लगे.

कुछ समय पहले नेपाल से भी ऐसी ही ख़बरें आई थीं. वहां लड़कियों को तस्करी कर मिडल ईस्ट में बेच दिया जाता है.

 

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