एक समय ऐसा था, जब मेरा खुद से विश्वास उठ गया था, मैं अपने शरीर से नफरत करने लगी थी: विद्या बालन

'मैं अपने शरीर से जूझ रही थी. मुझे उसे देखकर गुस्सा आता था'.

नेहा कश्यप नेहा कश्यप
अप्रैल 15, 2019

सिनेमा वालों का सीधा सा हिसाब है. जितना 'परफेक्ट फिगर' और जितना 'गोरा रंग', उतनी 'खूबसूरत एक्ट्रेस'. विद्या बालन इस तरह के भेदभाव के खिलाफ कई बार खड़ी हो चुकी हैं. वो एक ऐसी एक्ट्रेस हैं, जो कई बार कह चुकी हैं कि जैसा शरीर है, उसे वैसे ही अपनाने की कोशिश करें. वो बॉडी शेमिंग हो या वेट इश्यूज, वो उन पर खुलकर बात करती हैं.

विद्या बॉडी शेमिंग करने वालों को कई बार जमकर लताड़ चुकी हैं. वो उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने शरीर को लेकर क्रिटिसिज्म झेलते हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में विद्या ने कहा कि उनके लिए सबकुछ इतना आसान नहीं था. विद्या कहती हैं, "मेरे शरीर के बारे में बहुत खूब भला-बुरा कहा गया. एक समय ऐसा था, जब मेरा खुद से विश्वास उठ गया था. मैं अपने शरीर से नफरत करने लगी थी."

dok_xhcvoaujbrc_750x500_041519065457.jpgतस्वीर : ट्विटर

वो कहती हैं, "मैं अपने शरीर से जूझ रही थी. मुझे उसे देखकर गुस्सा आता था. और मैं अपने ही शरीर से नफरत करने लगी थी. सोचती थी कि काश मेरी बॉडी बदल जाए. क्योंकि फिर लोग मुझे क्रिटिसाइज नहीं करेंगे. मुझे पसंद करने लगेंगे. मेरा सम्मान करेंगे और मुझे प्यार करेंगे."

विद्या आगे कहती हैं, "वजन घटाने के बाद मैंने महसूस किया कि तब भी लोगों ने बातें करना बंद नहीं किया. लोग तब भी सभी ने मुझे पूरी तरह से एक्सेप्ट नहीं कर पा रहे थे. तब मुझे ये समझ आया कि दूसरों के हिसाब से खुद को बदलने का कोई मतलब नहीं. मैंने खुद का और अपने शरीर का सम्मान करना शुरू कर दिया. जिसके बाद मेरे अंदर कई सारे पॉजिटिव चेंज आए. मैं ज्यादा कॉन्फिडेंट हो गई. और मैं खुद को खूबसूरत महसूस करने लगी."

capture-vb2_750x500_041519065603.jpgतस्वीर : ट्विटर

वो मानती हैं कि वो जैसी हैं वैसा ही खुद को स्वीकार करना ही आप को दिया सबसे बेहतर तोहफा है. किसी को हक नहीं बनता है कि वो आप के शरीर का मजाक उड़ाकर निकल जाए.

वो कहती हैं कि उन्हें सिर्फ एक बात नहीं समझ आती, लोग बॉडी के बारे में बात करते हैं, लेकिन वजन और खानपान के बारे में कुछ नहीं कहते हैं.

वो कहती हैं, लोग एक दूसरे को देखकर बस यही कहते हैं, "ओह तुमने वजन घटा दिया", "ओह तुम्हारा वजन बढ़ गया", "तुम कौन सी डाइट ले रही हो", "आजकल कौन सी एक्सरसाइज कर रही हो" लोग दूसरों की बॉडी पर बेहद आसानी से कमेंट कर देते हैं, क्योंकि वो नजर आती है.

लेकिन इससे जुड़ी बाकी चीजों पर बात नहीं करते. वो कहती हैं कि उन्हें बॉडी से जुड़े इस तरह के कमेंट पसंद नहीं आते हैं. 

c9wczbsvoaepd-w_750x500_041519065532.jpgतस्वीर : ट्विटर

विद्या कहती हैं, "ऐसे लोगों को जवाब देना जरूरी है. उन्हें बताना होगा कि मजाक उनका बनना चाहिए, क्योंकि उनके पास बेहद कम दिमाग है. दूसरों को मजाक बनाने वाले लोग खुद से नाखुश होते हैं. एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, डाइट और कई बार दवाएं भी आपका शरीर बदल सकती हैं, लेकिन दिमाग का इलाज कोई चीज नहीं कर सकती है."

एक अन्य इंटरव्यू में विद्या कहती हैं कि औरत को एक शरीर के तौर पर देखना बंद करना होगा, जिस दिन ये बंद हो जाएगा, बॉडी शेमिंग भी नहीं होगी. "मैंने दुबले लोगों को भी और दुबला होने के लिए दुखी होते देखा है. इसका कोई अंत नहीं है. बेहतर है कि जैसे आप हैं, वैसे खुद को स्वीकार करें."

 

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