भीड़ में लड़कियों को कितनी बार जबरन छुआ जाता है, इस 'स्मार्ट ड्रेस' ने रिकॉर्ड किया, नतीजा डराने वाला है

इन्हीं लोगों के बीच औरतें रोज नौकरी करने या घर के काम से निकलती हैं.

सरवत फ़ातिमा सरवत फ़ातिमा
नवंबर 30, 2018
उम्मीद है अब लोगों को औरतों की दिक्कत समझ में आएगी.

जो बात मैं लिखने वाली हूं उससे हर औरत सहमत होगी. किसी भी भीड़-भाड़ वाले इलाके में निकलना हमारे लिए किसी टास्क से कम नहीं होता. क्योंकि कई पुरुष कोई मौका नहीं छोड़ते औरतों को जबरन छूने का. अब अगर आप इस बात से सहमत नहीं हैं तो कोई बात नहीं. अगले पांच मिनट बाद हो जाएंगे. क्योंकि थैंक्स टू टेक्नोलॉजी हमारे पास सबूत है.

ब्राज़ील में कुछ रिसर्चर्स ने एक प्रोजेक्ट शुरू किया है. उसका नाम है ‘द ड्रेस फ़ॉर रिसपेक्ट.’ इस प्रोजेक्ट के तेहत कुछ रिसर्चर्स ने एक ड्रेस बनाई है. इसे स्मार्ट ड्रेस कहते हैं. ड्रेस में सेंसर लगे हुए हैं. इनका काम सिर्फ़ ये पता करना नहीं है कि कोई इस ड्रेस को पहनने वाले को छू रहा है. बल्कि ये भी पता करना है कि कितनी ज़ोर से छुआ जा रहा है.

इस ड्रेस को एक सोशल एक्सपेरिमेंट के तहत बनाया गया है. इसका काम उन मर्दों की सोच को बदलना है जिन्हें लगता है औरतों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मर्द अक्सर नहीं छूते.

dress_112918083508.jpgये है वो स्मार्ट ड्रेस. फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर

इस बात को साबित करने के लिए, ब्राज़ील के रिसर्चर्स ने तीन औरतों को एक क्लब पार्टी में भेजा. तीनों ने वही स्मार्ट ड्रेस पहनी हुई थी. जैसे-जैसे रात बढ़ी एक हिटमैप की मदद से कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने लगा कि कब-कब और कहां इन औरतों को हाथ लगाया जा रहा है. ज्यादातर उन्हें दबोचा जा रहा था. कभी शानों से, कभी पीछे, तो कभी नीचे. कई लोगों ने उन्हें जबरन छुआ.

उस हीटमैप की मदद से पता चला कि औरतों को तीन घंटे और 47 मिनट में 157 बार छुआ गया था. इसके बाद रिसर्चर्स ने ये हीटमैप मर्दों को दिखाया, ये साबित करने के लिए कि औरतों को किस कदर यौन-शोषण का सामना करना पड़ता है.

उम्मीद है मर्दों को अब औरतों कि दिक्कत समझ में आएगी.

 

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