इस स्कूल ने KG क्लास की नन्ही बच्चियों को बेसमेंट में घंटों भूखा-प्यासा बंद रखा

और वजह ऐसी बताई को कोई वजह है ही नहीं.

आपात प्रज्ञा आपात प्रज्ञा
जुलाई 11, 2018
राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल का बेसमेंट. फोटो क्रेडिट- ट्वीटर/एएनआई

दिल्ली के एक स्कूल में 16 बच्चियों को बेसमेंट में बंद कर दिया. वजह बताई उनके माता-पिता का स्कूल-फीस जमा नहीं करना. ये घटना है 'राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल' की. 9 जुलाई 2018 को बच्चे रोज़ की तरह स्कूल आए थे. सुबह सात बजे से लगभग 12:30 बजे तक बच्चियों को सज़ा देने के नाम पर बेसमेंट में बंद कर दिया गया. ये बच्चियां किंडरगार्टन और प्राइमरी क्लास में पढ़ती हैं.

एक पिता ने बताया कि वो रोज़ की तरह लगभग 12:15 पर अपनी बेटी को लेने के लिए स्कूल पहुंचे. उनकी बेटी क्लास में नहीं थी. उन्होंने स्कूल स्टाफ से अपनी बेटी के बारे में पूछा. स्टाफ ने बताया कि बच्चियां सात बजे से स्कूल के बेसमेंट में बंद हैं. बेसमेंट का दरवाज़ा बाहर से बंद है क्योंकि उन्होंने फीस जमा नहीं की. उन्होंने नीचे पहुंचकर बेसमेंट का दरवाज़ा खोला. अंदर सभी बच्चियां बेहाल थीं. वहां ने कोई खिड़की थी न ही हवा आने के लिए कोई जगह. बेसमेंट में केवल दो पंखे थे. बच्चियां भूखी और प्यासी वहां बंद थीं. सभी बहुत रो रही थीं. साथ ही गर्मी से उनका बुरा हाल था.

राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल का बेसमेंट. फोटो क्रेडिट- ट्वीटर/एएनआई राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल का बेसमेंट. फोटो क्रेडिट- ट्वीटर/एएनआई

बच्चियों के माता-पिता का कहना है कि उन्होंने पहले ही सितंबर तक की फीस जमा कर दी है. अगर फीस न भी जमा की हो तो भी छोटी बच्चियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्कूल कैसे कर सकता है? माता-पिता ने हौज़ काज़ी पुलिस स्टेशन में इस घटना की शिकायत दर्ज़ की है. पुलिस ने स्कूल प्रशासन और हेडमिस्ट्रेस के खिलाफ जुवेनाइल-जस्टिस एक्ट के तहत शिकायत दर्ज़ की है.   

स्कूल की हेडमिस्ट्रेस फ़राह दीबा ने एएनआई को बताया- ‘बेसमेंट बच्चों के खेलने की जगह है. सोमवार को भी दो शिक्षक बच्चों को देख रहे थे. बच्चे अक्सर वहां ज़मीन पर ही बैठते हैं. बेसमेंट के पंखे उस दिन सुधरने के लिए गए हुए थे. जो भी इल्ज़ाम स्कूल प्रशासन पर लगाए जा रहे हैं वो ग़लत हैं.’ 

 

ऑडनारी से चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं!

ऑडनारी से चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं!

लगातार ऑडनारी खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करे      

Copyright © 2018 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today.