घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाली लड़कियों के लिए एक खुशखबरी

पंजाब और हरियाणा कोर्ट चाहता है आपको पैसे मिलें.

सरवत फ़ातिमा सरवत फ़ातिमा
अगस्त 10, 2018
FD की रकम तय की गई है 50,000 से 3,00,000 तक. फ़ोटो कर्टसी: Pixabay

2016 में नेहा (नाम बदल दिया गया है) ने अपने घरवालों को प्रतीक के बारे में बताया. दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे. पर नेहा के घरवाले दोनों के रिश्ते से ख़ुश नहीं थे. इसलिए दोनों ने भाग कर शादी करने का फ़ैसला किया. शादी के बाद दोनों को अपनी जान का ख़तरा था. उनको डर था कि कहीं उनके घरवाले उन्हें मार न दें.

नेहा जैसी और भी कई लड़कियां हैं. वो घरवालों के ख़िलाफ़ जाकर शादी कर लेती हैं. ऐसी लड़कियों की मदद करने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक फ़ैसला सुनाया है.

इन दोनों राज्यों में अगर कोई आदमी किसी लड़की को उसके घर से भगाकर शादी करता है तो उसे अपनी बीवी के लिए एक एफ़डी (FD) खोलनी पड़ेगी. FD मतलब ‘फिक्स्ड डिपॉज़िट’. FD की रकम तय की गई है 50,000 से 3,00,000.

कोर्ट का ये फ़ैसला औरतें के हक में है. फ़ोटो कर्टसी: Shutterstock कोर्ट का ये फ़ैसला औरतें के हक में है. फ़ोटो कर्टसी: Shutterstock

पर FD का मतलब क्या होता है?

ये एक तरह का खाता होता है. जिसमें आपको कुछ पैसे डाल के रखने होते हैं. इसकी एक टाइम लिमिट भी होती है. मसलन, पांच साल. इन पांच सालों में आपने जो भी राशि अपने खाते में जमा की हुई है, आपको उस पर इन्ट्रेस्ट मिलेगा. ये महीने के हिसाब से या तिमाही मिलता है. आपकी राशि पर कितना इन्ट्रेस्ट बनता है, ये आपका बैंक तय करता है. पर आप जो भी राशि एक FD में डालेंगे, आपको उससे ज़्यादा ही वापस मिलेगी. ऊपर से सेविंग ही सेविंग. आप FD ज़रुरत के समय तोड़ भी सकते हैं. आपके कुछ पैसे कटेंगे पर बाकी वापस मिल जाएंगे.

D मतलब ‘फिक्स्ड डीपॉजिट’. फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर D मतलब ‘फिक्स्ड डीपॉजिट’. फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर

ये तो हुई बात FD की.

कौन इसका फ़ायदा उठा पाएगा?

ये रूल सारे जोड़ों पर लागू नहीं होता. ये सिर्फ़ उनपर लागू होता है जिन्होंने घरवालों के ख़िलाफ़ जाकर शादी की थी. और मार दिए जाने के डर से हाई कोर्ट से पुलिस प्रोटेक्शन की मांग की थी.

ये रूल सारे जोड़ों पर लागू नहीं होता. फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर ये रूल सारे जोड़ों पर लागू नहीं होता. फ़ोटो कर्टसी: ट्विटर

ऐसे कितने केसेज होते हैं?

पंजाब और हरियाणा में अकेले 20 से 30 जोड़े भागकर शादी करते हैं. ज़्यादातर मामलों में लड़का-लड़की अलग-अलग जाति के होते हैं. उन्हें ये डर रहता है कि उनके घरवाले उन्हें मार देंगे. इसलिए कोर्ट से प्रोटेक्शन की मांग करते हैं. पहले कोर्ट ने पुलिस को ये निर्देश दिया था कि अच्छे से जांच-पड़ताल करने के बाद ही उन्हें सुरक्षा दी जाए. ये देख लिया जाए कि मामला वाकई असली है भी या नहीं.

लगातार हो रहे ऐसे केसेज को देखकर कोर्ट ने ये फ़ैसला सुनाया है.

 

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