'नीची जाति' के लड़के से महिला ने प्रेम किया तो कंधे पर पति को बैठाकर लगवाए गांव के चक्कर

पटेलिया जाति की महिला को भील जाति का प्रेमी चुनने की सजा मिली.

उमा मिश्रा उमा मिश्रा
अप्रैल 14, 2019
फोटो : ऑडनारी एक्सक्लूसिव

झाबुआ, पश्चिमी मध्यप्रदेश का एक आदिवासी जिला. जहां भील, भीलाला और पटेलिया आदिवासी जनजातियां रहती हैं. भील जाति सबसे नीची और पटेलिया जाति सबसे ऊंची जाति मानी जाती है. इसी जिले में एक महिला को जाति को लेकर अजीबो-गरीब सजा दी गई. महिला को अपने पति को कंधे पर बिठाकर गांव की गलियों में घूमना था और फिर घर तक पहुंचाना था. ये सजा ससुराल वालों ने सुनाई क्योंकि महिला भील जाति के युवक को पसंद करने लगी थी. उसके साथ घर छोड़ कर गुजरात तक चली गई थी. पुलिस ने पति, सरपंच, समाज प्रमुख (तड़वी) समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

1_041419034100.jpgकल्पना*  को प्रताड़ित करने के मामले में गिरफ्तार पति, सरपंच और अन्य गांव के लोग. तस्वीर- चंदर भान सिंह/ ऑडनारी

महिला का नाम कल्पना* (काल्पनिक नाम) है. उसकी शादी आठ साल पहले देवगढ़ के पटेलिया जाति के व्यक्ति से हुई थी. दो बेटियां भी हैं. एक चार साल की है और दूसरी छह साल की है. महिला के मामा का घर पास में है. वह अपने मामा के यहां आती-जाती थी. इसी दौरान इसकी दोस्ती एक मनीष भूरिया नाम के लड़के से हुई. दोनों में पहचान बढ़ी और प्यार हो गया.

5 अप्रैल को कल्पना मामा के यहां जाने के बहाने मनीष के साथ गुजरात चली गई. ससुराल वालों को बताया कि वह मामा के यहां जा रही है. एक-दो दिन बीत जाने पर ससुराल वालों ने मामा के यहां फोन किया, तो पता चला कि वह अपने मामा के यहां पहुंची ही नहीं. बाद में महिला ने खुद फोन कर ससुराल वालों को बताया कि वह भील जाति के मनीष भूरिया के साथ गुजरात भाग गई है. भील जाति के लड़के के साथ भागने के कारण 'ऊंची जाति' मानी जाने वाली पटेलिया जाति के लोगों को गुस्सा आया.

मनीष ने लौटाया ससुराल वालों को 'इज्जत का पैसा'

भील समाज का पटेलिया समाज से तोड़ (समझौता) भी हो गया. मनीष ने महिला के ससुराल वालों को इज्जत का पैसा यानी समझौते के तौर पर 11 हजार रुपए दे दिया. मायके वाले लड़की को लेकर भीमपुरी आए. 11 अप्रैल की शाम को ससुराल वाले महिला को बहला-फुसलाकर मायके से लेकर देवगढ़ आए. पंचायत बैठी. गांव के लोगों ने परिवार और कुटुम्ब के साथ मिलकर कल्पना को सजा सुनाई. कहा गया कि वह अपने पति को कंधे पर बिठाए. गांव की गलियों में घूमे. उसके बाद घर तक पहुंचे. ऐसा करने के बाद ही उसे घर में यानी ससुराल में रखा जाएगा. नहीं तो... नहीं रखा जाएगा.

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पुलिस थाने में महिला और उसका पति. तस्वीर- चंदर भान सिंह / ऑडनारी

तमाशबीन छड़ी से कल्पना को मार रहे थे

लोगों ने इस सजा के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाई. बल्कि वीडियो बनाया. उसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपलोड किया. 12 अप्रैल से ये वीडियो वायरल होने लगा. इसमें गांव वालों ने महिला को ऐसा करने पर मजबूर किया. महिला ने सजा पूरी भी की. इस विडियो में अन्य लोग नाच रहे हैं. खुशी मना रहे हैं. इतना ही नहीं, महिला को सजा के दौरान लोग छड़ी से भी मारते दिख रहे हैं. इस पूरी प्रक्रिया के लिए महिला को मजबूर करने के बाद गांव के लोग नाचते रहे, उल्लास मनाते रहे और बीच-बीच में महिला को छड़ी भी मारते रहे. परेशान महिला की किसी ने मदद भी नहीं की.

पति-सरपंच को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी

वीडियो के वायरल होने के बाद इलाके के एसपी विनीत जैन ने मामले पर एक्शन लिया. गांव में एडिश्नल एसपी विजय रावत, एसडीओपी मनोहर सिंह गवली के साथ पुलिस फोर्स भेजी. महिला को थाने लाए. आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 354(बी), 323, 506, 342 सहित दूसरी धाराओं में मुकादमा दर्ज किया.

 

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