कोई बैंक आपका काम टाल रहा है, या खिड़की से खिड़की भटका रहा है तो ये करें

पति या बेटे पर निर्भर मत रहिए. जानिए बैंक से जुड़े अपने अधिकार.

नेहा कश्यप नेहा कश्यप
अप्रैल 02, 2019

हम औरतें अधिकतर बैंक से जुड़े काम पति या बच्चों से करवा लेती हैं. क्योंकि हमें लगता है कि बैंक में कोई भी काम आसानी से नहीं होता. तो घंटों लाइन में कौन लगेगा. खिड़की से खिड़की कौन जाएगा. 

पर ये सब भूल जाइये. अपने काम खुद करिए. क्योंकि बैंक आपके किसी काम को टाल नहीं सकता है. काम न होने पर आपके पास बैंक या उसके किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार भी है. हमने इस बारे में शितांशु तिवारी से बाती की. वो सिंडीकेट बैंक कॉर्पोरेट ऑफिस, बैंगलुरु में मैनेजर हैं. उन्होंने ये बातें बताईं.

bank-3_750_040219054412.jpgसांकेतिक तस्वीर

  1. आप बैंक पहुंची हैं और आपसे कहा जाए कि बैंक बंद होने का समय हो गया है. काम आज नहीं हो पाएगा. तब आप पूछ सकती हैं कि बैंक ने लिखित रूप से खुलने बंद होने की जानकारी क्यों नहीं दी है. बैंक में खुलने और बंद होने का समय साफ तरीके से लिखा होना चाहिए. समय में बदलाव करने पर बैंक लिखित सूचना देनी होगी.
  2. आप बैंक पहुंचें और पता चले कि ब्रांच बंद हो चुकी है. या कहीं और शिफ्ट हो गई है. तो आप बैंक की शिकायत कर सकती हैं. बैंक ब्रांच बंद कर रहा है. या जगह बदल रहा है. तो ग्राहकों को दो महीने पहले लिखित जानकारी देनी पड़ती है. 
  3. आपकी KYC जानकारी या अन्य निजी जानकारी, जैसे उम्र, धर्म, वैवाहिक स्थिति को सिर्फ अपने तक ही रखेंगे. अगर बैंक रेग्यूलेटरी गाइडलाइन्स (जैसे आरबीआई) के अंदर जानकारी बांटने की जरूरत होती है, तब बैंक ग्राहक को बताएएगा. ग्राहक से सहमति मिलने के बाद ही बैंक जानकारी शेयर कर सकते हैं. ग्राहक की जानकारी के बिना बैंक ऐसा नहीं कर सकत हैं.
  4. बैंक के काउंटर पर कैश, चेक, कटे-फटे नोट बदलने, पैसा जमा करना, खाते से पैसा निकालने जैसे काम कर सकते हैं. बैंक इसके लिए इंकार नहीं कर सकता है. ये सुविधा बैंक की हर ब्रांच पर मिलती है. किसी परेशानी में आप आप ब्रांच हैड से भी बात कर सकती हैं.
  5. बैंक को अपनी हर योजना, सुविधा, ब्याज दर बैंक चार्ज या नियम-कानून की पूरी जानकारी ग्राहकों को देनी होगी. ये बैंक की वेबसाइट या ब्रांच पर उपलब्ध होनी चाहिए. इसके अलावा, sms, मेल वगैरह भी तरीका हो सकते हैं. अगर किसी ग्राहक को इनमें से कुछ भी समझने में परेशानी आ रही है, तो बैंक के अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वो आपको संबंधित चीजें समझाने में मदद करें.
  6. कोई कर्मचारी आपकी बात नहीं सुन रहा है. या बैंक में आपका काम नहीं हो रहा है. तो आप उसकी शिकायत कर सकती हैं. शिकायत कैसे करनी है, किस अधिकारी से करनी है, कब तक जवाब मिलेगा, किस तरीके से मिलेगा, यह बताना भी बैंक की जिम्मेदारी है.bank-1_750_040219054444.jpgसांकेतिक तस्वीर

बैंक किसी भी ग्राहक के साथ बुरा व्यवहार नहीं कर सकता है. उसकी जिम्मेदारी होती है कि ग्राहक की बात सुनी जाए. उसका काम जल्दी से जल्दी निपटाया जाए.

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