आशु महाराज को पुलिस ने अगर 21 साल पहले ही धर लिया होता तो आज उसमें रेप करने की हिम्मत न होती

ये फ्रॉड एक हाथ देखने के 25 हजार रुए लेता था.

ऑडनारी ऑडनारी
सितंबर 14, 2018
वोटर लिस्ट में आशु महाराज का नाम आसिफ खान लिखा हुआ है. फोटो कर्टसी- फेसबुक

एक औरत का रेप करने का आरोपी स्वयंभू आशु भाई महाराज गिरफ्तार हो गया है. आशु महाराज का असली नाम आसिफ खान है. 13 सितंबर को शाहदरा जिल पुलिस ने गाजियाबाद के पास से आशु महाराज को हिरासत में लिया और शाम 6 बजे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया. क्राइम ब्रांच की टीम आशु भाई को आरके पुरम के क्राइम ब्रांच के ऑफिस ले गई, घंटों तक पूछताछ हुई. आशु महाराज का बेटा, समर खान भी पुलिस की गिरफ्त में था. दोनों बाप-बेटे को पुलिस ने आमने-सामने बैठाया, और ढेर सारे सवाल पूछे. आखिरकार 13 सितंबर की देर रात, आशु महाराज ने क्राइम ब्रांच के सामने अपना गुनाह कबूल किया.

अब क्राइम बांच आशु महाराज को साकेत कोर्ट के सामने पेश करेगी और उसकी रिमांड की मांग करेगी. क्राइम ब्रांच का दावा है कि उसके पास आशु महाराज के खिलाफ ठोस सबूत हैं. रिमांड में लेने के बाद क्राइम ब्रांच और ज्यादा सबूत जुटाने की कोशिश करेगी. पिछले हफ्ते आशु महाराज, समर खान और उसके एक दोस्त के ऊपर, पीड़ित महिला ने रेप का आरोप लगाया था. पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 और पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. पीड़िता का कहना है कि आशु महाराज, उसके बेटे और दोस्त ने, दिल्ली के एक आश्रम में उसका रेप किया और उसकी बेटी से भी छेड़छाड़ की.

टीवी चैनलों पर भविष्वाणी करता था आशु महाराज. फोटो कर्टसी- फेसबुक टीवी चैनलों पर भविष्वाणी करता था आशु महाराज. फोटो कर्टसी- फेसबुक

क्या है मामला?

गाजियाबाद की एक महिला के मुताबिक उसकी बेटी के पैरों में दिक्कत थी. इसी के इलाज के लिए वह 2008 में आशु महाराज के संपर्क में आई. वह आसिफ खान उर्फ आशु महाराज के दिल्ली के आश्रम में जाने लगी. 2013 में आशु ने उसका रेप किया. उसके बाद भी कई बार महिला का रेप किया, सिलसिला रुका नहीं, आशु के साथ उसके बेटे और उसके दोस्त ने भी उसका रेप किया. उसकी बेटी के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिश की. शुरू में तो महिला डर के कारण चुप रही, लेकिन जब पानी सिर से ऊपर चला गया, वह हौज खास पुलिस के पास पहुंची और सारी कहानी बयां कर दी.

मैग्जीन में छपा था आशु महाराज का काला-चिट्ठा

इस ढोंगी बाबा की पोल खुल गई है. आसिफ खान से आशु महाराज बने बाबा को लेकर अब पुलिस सख्त हो चुकी है, लेकिन अगर खुद को ज्योतिषी बताने वाले आसिफ पर थोड़ी सख्ती 21 सास पहले ही बरती गई होती, तो आज रेप पीड़ित महिला अपने और अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांगने के लिए दर-दर नहीं भटकती. आशु महाराज एक ढोंगी बाबा है, इस बात का खुलासा 1996-97 में एक बार पहले भी किया गया था. डेलीहंट की मानें तो 'प्रशांत' उर्फ पुष्पेंद्र श्रीवास्तव ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी मैग्जीन मनोहर कलियां में, 1996-97 में आशु महाराज का कच्चा-चिट्ठा छापा था. ये मैग्जीन तो अब बंद हो चुकी है, लेकिन इसके एडिटर प्रशांत बताते हैं कि उस वक्त उन्होंने आशु महाराज जैसे ढोंगी, पाखंडी बाबाओं के खिलाफ एक मुहिम शुरू की थी और उसे जनहित आंदोलन नाम दिया था. उस वक्त बहुत से तांत्रिकों और बाबाओं का स्टिंग ऑपरेशन करके उनकी पोल खोली जाती थी, आशु महाराज के साथ भी कुछ ऐसा ही किया गया था.

एडिटर की मानें तो, आशु महाराज का स्टिंग हुआ, पत्रिका के एक अंक में उसे छापा भी गया, लेकिन इसकी भनक आशु महाराज को पहले से ही लग गई थी. दिल्ली के जिस किसी भी स्टॉल में वह पत्रिका गई, वहां उसके सभी अंक महाराज के सपोटर्स ने खरीद लिए और लोगों तक ढोंगी बाबा की काली करतूत का लेखा-जोखा नहीं पहुंचने दिया. आशु महाराज का सच लोगों के सामने नहीं आ सका और 21 साल में वह पाखंड के दम पर करोड़पति बन गया.

एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार हो गया था आशु महाराज. फोटो कर्टसी- फेसबुक एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार हो गया था आशु महाराज. फोटो कर्टसी- फेसबुक

परिवार से नहीं होती थी बात

आशु महाराज खुद को ज्योतिष बताता था, लोगों के हथेली देखकर उनका भविष्य बताने का दावा करता था, उनकी परेशानियों को खत्म करने का दावा करता था. एक हथेली देखने का 25000 रुपए लेता था, सालों से नाम बदलकर लोगों को ठगता आ रहा था. दिल्ली के वजीरपुर की जेजे कालोनी में आसिफ का बचपन बीता. जब वह 18-19 साल का था, तभी उसने फैसला ले लिया कि वह अपना भविष्य, लोगों का भविष्य देखने में बनाएगा. उसे तंत्र-मंत्र में रुचि आने लगी, लेकिन यह बात उसके परिवार वालों को पसंद नहीं आई. उसे मना किया गया, रोका गया, लेकिन वह नहीं माना, आसिफ की जिद देखकर उसके पिता ने उससे नाता तोड़ने का फैसला किया और उसे घर से निकाल दिया, उसके बाद आसिफ अपने घर लौटकर नहीं गया. बस फिर क्या था, आसिफ, बाबा बनने की राह पर बिना रुके चलता गया.

दिल्ली के सराय रोहिल्ला के पदम नगर में रहा. अपना नाम बदलकर आशु महाराज बन गया और पाखंड के खेल में पैसे बनाता चला गया. वहां लोगों का हाथ देखने लगा, उनका भविष्य बताने लगा, लेकिन एक दिन उसका नौकर उसके 50 लाख रुपए लेकर भाग गया. उसके बाद आशु महाराज ने अपना ठिकाना बदल लिया और रोहिणी सेक्टर-7 में रहने लगा. यहां भी उसका धंधा जम गया. लोग उससे जुड़ते चले गए और आशु महाराज करोड़पति बनता चला गया. भविष्यवाणी के साथ-साथ दवाइयां बनाने का नया बिजनेस शुरू कर दिया. आशु महाराज के नाम आज करोड़ों की प्रॉपर्टी है और दिल्ली के हौज खास जैसे पॉश इलाके में आश्रम है.

बचपन में साइकिल रिपेयरिंग करता था आशु महाराज. फोटो कर्टसी- फेसबुक बचपन में साइकिल रिपेयरिंग करता था आशु महाराज. फोटो कर्टसी- फेसबुक

लाखों समर्थक हैं, कई नेता, राजनेता और सेलिब्रिटी भी आशु महाराज के पास जाते हैं, करोड़ों की प्रॉपर्टी है, शायद यही एक कारण है, जिसके दम पर महिला और उसकी बेटी के साथ दरिंदगी करते वक्त आशु महाराज को जरा भी शर्म नहीं आई और डर नहीं लगा.

 

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