यौन शोषण के आरोपी ने इस्तीफा दिया, तो कंपनी ने 313 करोड़ रुपए देकर विदा किया

यौन शोषण के आरोपियों को क्या गूगल भारी-भरकम एग्जिट पैकेज दे रहा है?

लालिमा लालिमा
मार्च 13, 2019
यौन शोषण का आरोप लगने के बाद अमित सिंघल ने गूगल से इस्तीफा दे दिया था. फोटो- रॉयटर्स/वीडियो स्क्रीन

एक नाम इस वक्त काफी चर्चा में है. अमित सिंघल. गूगल के पूर्व एक्जीक्यूटिव हैं. यौन शोषण के आरोपी हैं. गूगल में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे. फरवरी 2016 तक गूगल सर्च ऑपरेशन को हैंडल किया था. इनके ऊपर यौन शोषण का आरोप लगा था, जिसके बाद इन्होंने गूगल से रिजाइन कर दिया था. लेकिन अभी जिस वजह से ये न्यूज़ में हैं, वो वजह है इनको गूगल से मिलने वाला एग्जिट पैकेज. न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंघल ने जब गूगल से रिजाइन किया था, उस वक्त उन्हें एग्जिट पैकेज के तौर पर गूगल ने 45 मिलियन डॉलर, यानी करीब 313 करोड़ रुपए दिए थे.

चौंक गए? जाहिर सी बात है, इतनी बड़ी रकम, यौन शोषण के आरोपी को इस्तीफे के बाद मिलना काफी हैरानी वाली बात ही है. खैर, ये कोई पहला मामला नहीं है, जिसमें गूगल ने इतनी बड़ी रकम, किसी ऐसे व्यक्ति को दी है, जिसके ऊपर यौन शोषण का आरोप लगा था. पिछले साल अक्टूबर में, मीटू मूवमेंट के दौरान एक खबर आई थी. जिसमें ये पता चला था कि गूगल ने एंडी रुबिन को एग्जिट पैकेज के तौर पर 90 मिलियन डॉलर दिए थे. यानी करीब 660 करोड़ रुपए. रुबिन को 'फादर ऑफ एंड्रॉयड' कहा जाता है. इनके ऊपर भी यौन शोषण के आरोप लगे थे. आरोप सच पाए जाने के बाद रुबिन ने 2014 में रिजाइन कर दिया था, लेकिन उन्हें गूगल ने उस वक्त बड़ा सा फेयरवेल दिया था. साथ ही बड़ा सा एग्जिट पैकेज भी.

amit-2_031319115448.jpgअमित सिंघल भारतीय मूल के हैं. गूगल कोर सर्च टीम को 15 साल तक हेड किया था. फोटो- इंडिया टुडे

खैर, वापस आते हैं अमित सिंघल वाले मामले पर. सिंघल ने 2016 में गूगल छोड़ा था, और उन्हें मिलने वाले एग्जिट पैकेज की जानकारी 11 मार्च 2019 के दिन सामने आई. शेयरहोल्डर लॉसूट के जरिए ये बात सामने आई. गूगल की पैरेंट कंपनी है अल्फाबेट. अल्फाबेट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के ऊपर आरोप लगा था कि वो अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं. और यौन शोषण के आरोपियों को निकालने के बजाय, उन्हें भारी-भरकम एग्जिट पैकेज दे रहे हैं. शेयरहोल्डर लॉसूट इस साल जनवरी में फाइल किया गया था. शेयरहोल्डर्स के अटॉर्नी, फ्रैंक बॉटनी ने कहा था, कि आरोपियों को इतनी बड़ी रकम देकर बोर्ड अपनी जिम्मेदारियों का त्याग कर रहा है.

2_031319115537.jpgूगल की पैरेंट कंपनी है अल्फाबेट. अल्फाबेट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के ऊपर आरोप लगा था कि वो अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं. फोटो- pixabay 

क्या आरोप थे?

गूगल की एक महिला कर्मचारी ने अमति सिंघल के ऊपर यौन शोषण का आरोप लगाया था. कर्मचारी ने कहा था कि सिंघल ने एक ऑफ-साइट इवेंट में उन्हें जबरन पकड़ लिया था. गूगल ने आरोपों पर जांच बैठाई. पता चला कि सिंघल नशे में धुत्त थे. साथ ही ये भी नतीजा निकला, कि महिला कर्मचारी ने जो आरोप लगाए थे, वो सही थे. उसी वक्त सिंघल ने ये कहा कि वो अपने परिवार के साथ थोड़ा ज्यादा समय बिताना चाहते हैं, और फिलैन्थ्रॉपी पर फोकस करना चाहते हैं. और इस्तीफा थमा दिया.

वहीं अमित सिंघल के मामले में गूगल की प्रवक्ता ने 11 मार्च के दिन ही सफाई दी. कहा, 'हमने हमारे वर्कप्लेस में कई सारे बदलाव किए हैं. और हमने उन लोगों के खिलाफ भी, जो पद पर रहते हुए किसी तरह का मिसकंडक्ट करते हैं, नियम कड़े कर दिए हैं. गूगल में अगर कोई गलत व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ कड़े एक्शन लिए जाते हैं.'

कौन है अमित सिंघल?

उत्तर प्रदेस के झांसी में जन्म हुआ. आईआईटी रुड़की से बी.टेक किया. यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा डुलुथ से एमएस किया. और 15 साल तक गूगल की कोर सर्च टीम के हेड रहे.

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