एक खिलाड़ी ने अपनी जर्सी उतारी और उसकी तस्वीर खेलों के इतिहास का अमिट हिस्सा बन गई

आज से 20 साल पहले एक गोल हुआ, जिसने इतिहास रच दिया

10 जुलाई, 1999. फ़ीफ़ा (FIFA) महिला फुटबॉल विश्व कप फाइनल. जगह, रोज बोल, पेज़ाडीना कैलिफोर्निया. अमेरिका. टीम- अमेरिका और चीन. अमेरिका की टीम को पेनल्टी किक मिली थी. सामने थी चाइना की गोलकीपर गाओ हौंग. किक मारने वाली थीं ब्रैंडी चैस्टेन. पेनल्टी किक में सिर्फ किक मारने वाला होता है. और सामने गोलकीपर. ब्रैंडी ने किक मारी, और गोल हो गया.

अमेरिका की विमेंस फुटबॉल टीम ने विश्व कप जीत लिया.

उस एक क्षण में ब्रैंडी ने ख़ुशी के मारे झूम कर अपनी जर्सी उतारी और हवा में लहरा दी.

brandi-chastain-getty-750x500_070819043605.jpgखेलों के इतिहास की एक दुर्लभ तस्वीर. तस्वीर: Getty Images

पूरे स्टेडियम की सांसें एक साथ थम गईं.

खेल के इतिहास में पहली बार किसी महिला ने अपनी जर्सी उतार कर सेलिब्रेट किया था. नेटवेस्ट सीरीज में इंग्लैंड से जीत दर्ज करने पर जर्सी उतार हवा में लहराते सौरव गांगुली की इमेज अभी भारत में भी तीन साल दूर थी.

वर्ल्ड कप और खेल के इतिहास में ब्रैंडी चैस्टेन की ये इमेज छप कर रह गई. हमेशा-हमेशा के लिए बने एक आइकन की तरह. जीत के जश्न में डूबी एक खिलाड़ी. एक हाथ में उसकी जर्सी. और शरीर से लिपटी उसकी काली स्पोर्ट्स ब्रा.

ब्रैंडी ने अपने स्कूल के बॉयज की टीम में खेलना शुरू किया था. हाई स्कूल में अपनी टीम को तीन चैम्पियनशिप्स जीतने में मदद की उन्होंने. फिर बर्कली गईं. जहां पहले साल में ही प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब जीता. जब 1991 में, पुरुष फुटबॉल विश्व कप के 61 साल बाद FIFA ने महिला विश्वकप करवाया, तब ब्रैंडी भी टीम में थीं. उस साम अमेरिका ने कप नहीं जीता. 1995 वाले विश्व कप में ब्रैंडी का नाम टीम में नहीं था. 1999 में वो टीम की सीनियर खिलाड़ियों में शामिल हुईं, और अमेरिका को उसका महिला फुटबॉल विश्वकप जिता दिया.

wwcup-reuters-750x500_070819043720.jpgइस साल फिर महिला विश्व कप अमेरिका की टीम ने जीत लिया है. तस्वीर: रायटर्स

लेकिन इसी के साथ इतिहास के एक बहुत बड़े हिस्से की तरफ पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. वो था स्पोर्ट्स में महिलाओं के कपड़े और उनके शरीर के कम्फर्ट की तरफ ध्यान. क्योंकि जो स्पोर्ट्स ब्रा पहन कर अधिकतर महिलाएं स्पोर्ट्स खेलती या फिजिकल वर्क करती हैं, वो बनाने वाली थीं लीज़ा लिंडल. 1977 में जब उनकी बहन ने उनसे पूछा कि आखिर वो जब जॉगिंग करती हैं तो क्या उनके ब्रेस्ट्स नहीं दुखते? तो लीज़ा ने बताया था कि वो एक साइज़ छोटी ब्रा पहनती हैं. तो उनकी बहन ने पूछा था, कि इनके लिए लंगोट (जॉकस्ट्रैप) जैसा कुछ क्यों नहीं होता. बस, इसी के साथ जन्म हुआ स्पोर्ट्स ब्रा के आइडिया का.

फिर जब उस पल ब्रैंडी ने हवा में उछलकर अपनी जर्सी अलग की और उनकी स्पोर्ट्स ब्रा खेलों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तस्वीरों का हिस्सा बन गई, तब इसके बारे में ESPN की एक डाक्यूमेंट्री में उन्होंने बताया,

“ये तस्वीर आत्मविश्वास, तैयारी, और एक सफ़र की तस्वीर है. ये किसी तुक्के या किस्मत से नहीं हुआ. इसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी.”

इस विजय को ब्रैंडी ने क्षणिक पागलपन, न कम न ज्यादा कहकर परिभाषित किया. उन्होंने बताया कि “मैं किसी और चीज़ के बारे में नहीं सोच रही थी. मैंने बस ये सोचा कि वो सॉकर फील्ड पर मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा पल है”.

अभी 2019 में फ्रांस में हुए FIFA महिला फुटबॉल विश्वकप को फिर से अमेरिका की टीम ने जीत लिया है. ब्रैंडी से लेकर अब तक इतिहास बहुत बदल गया, लेकिन कई चीज़ें वैसी ही सेम हैं. ब्रैंडी ने अपनी वो स्पोर्ट्स ब्रा स्पोर्ट्स म्यूजियम ऑफ न्यूयॉर्क को दान कर दी थी. 2009 में वो बंद हो गया, अब वो ब्रा उनके घर में फ्रेम करके टंगी हुई है.

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