ढाई लाख कैश लिया, मोटी शादी करवाई, पर मन न भरा तो दहेज के लिए बहू का गला घोंट दिया

लड़की के ज़ख्म देख यकीन नहीं होता, ये इंसान कर सकता है.

लालिमा लालिमा
मार्च 07, 2019
ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर का पेपर देने वाली थी रेखा.

2 मई 2014. रेखा की शादी का दिन. घर पर हर कोई खुश था. रेखा के पिता, उसकी मां और उसका भाई, बहुत खुश थे. खुशी थी, क्योंकि रेखा नई जिंदगी शुरू करने जा रही थी. सुधीर के साथ. बेटी की विदाई का गम तो मां और बाप को था ही, लेकिन खुशी की मात्रा उस विदाई के गम से ज्यादा थी. शादी अच्छे से हुई. बेटी विदा हो गई. ससुराल पहुंच गई.

मां-बाप को लगा कि अब सुधीर सारी जिंदगी उनकी लाडली का ख्याल रखेगा. उसे खुश रखेगा. किसी तरह का कोई दुख उस तक नहीं पहुंचने देगा. लेकिन शादी के बाद असल में रेखा के साथ क्या होने वाला था, उसके मां-बाप को इस बात का जरा भी अंदाजा न था. और न ही रेखा खुद ये बात जानती थी कि आगे उसके साथ क्या होगा. हुआ वही, जो इस देश की हजारों-लाखों लड़कियों के साथ होता आया है. और हो रहा है. 'दहेज' जैसे घटिया कीड़े ने रेखा को भी निगल लिया.

dahej_750x500_030719053245.jpg2 मई 2014 के दिन रेखा की शादी सुधीर से हुई थी.

4 मार्च 2019 के दिन, रेखा मर गई. या यूं कहें कि उसे मार दिया गया. गला घोंटकर. बेदर्दी से. इस तरह गला घोंटा कि उसकी चीखें किसी के कानों में पड़ी ही नहीं. आखिर रेखा के साथ क्या हुआ. ये जानने के लिए शुरू से शुरुआत करते हैं.

- बिहार में एक जिला है मुजफ्फरपुर. वहां साहेबगंज थाना क्षेत्र के अंदर एक गांव आता है धर्मपुर. रेखा इसी गांव में रहती थी. अपने पिता टुन्ना गिरी, भाई अर्जुन गिरी और मां के साथ. इंटर तक पढ़ाने के बाद रेखा के मां-बाप ने उसकी शादी करने का फैसला किया. लड़का खोजना शुरू किया. कुछ दिन की खोज के बाद उन्हें अपनी 19 साल की बेटी के लिए एक लड़का मिल गया. नाम था सुधीर गिरी.

- सुधीर मुजफ्फरपुर के ओराई थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव बेदौल में रहता था. परिवार में सुधीर के पिता शिव नारायण गिरी, मां और एक बहन थी. बहन की शादी हो चुकी थी. सुधीर पटना में कम्प्यूटर कोचिंग में पढ़ाता था. छुट्टी वाले दिन गांव में परिवार के ही साथ रहता.

dahej-2_750x500_030719053358.jpgरेखा 24 साल की थी. शादी के वक्त 19 साल की थी.

- रेखा के परिवार को सुधीर जम गया. शादी पक्की हो गई. 2 मई 2014 के दिन दोनों की शादी हुई. शादी के वक्त रेखा के घरवालों ने दहेज में ढाई लाख रुपए कैश और बाइक के लिए पैसे दिए. इसके अलावा शादी भी अपनी हैसियत के हिसाब से धूमधाम से कराई. कोशिश की, कि लड़की की शादी में किसी तरह की कोई कमी न आए. वो खुश रहे.

- शादी के बाद रेखा ससुराल चली गई. शुरुआत में सब ठीक रहा. रेखा ने आगे पढ़ाई करने का मन बनाया. ग्रेजुएशन का फॉर्म डाल दिया. वो इसलिए क्योंकि उसे लगा कि उसकी जिंदगी की नई शुरुआत हुई है, तो सब अच्छा ही होगा. लेकिन कुछ ही समय बाद हालत बदलने लगे.

- रेखा को उसके ससुराल वालों ने दहेज के लिए ताना मारना शुरू कर दिया. हमने इस मामले में रेखा के भाई अर्जुन से बात की. अर्जुन ने हमें बताया कि सुधीर के परिवार ने तीन लाख रुपए कैश और चार चक्का गाड़ी की मांग रखी. रेखा के मायके वालों के पास 2-3 बीघा जमीन थी. उसके ससुराल वाले चाहते थे, कि वो लोग उस जमीन को बेचकर उनकी मांग पूरी करें. लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने अपनी बहू को परेशान करना शुरू कर दिया. आए दिन रेखा को ताने मारने लगे. रेखा ने ये बात अपने घर पर बताई. तो घरवालों ने उसे समझाया. कहा कि किसी तरह एडजस्ट करने की कोशिश करे. सब ठीक हो जाएगा, टाइम के साथ. इसी बीच रेखा मां बनी. उसे बेटी हुई. बेटी होने के बाद भी कुछ ठीक नहीं हुआ.

dahej-4_750x500_030719053439.jpgरेखा अपने पिता टुन्ना गिरी के साथ.

- दहेज के लिए रेखा के ससुराल वाले उसे रोज पीटते. अर्जुन ने हमें बताया कि रेखा का सिर भी फूट गया था. उसका इलाज भी ठीक से नहीं हुआ था. वो जनवरी 2019 में जब अपने मायके गई, तब उसका इलाज उसके मां-बाप ने कराया. फिर 15 फरवरी को वो वापस ससुराल चली गई.

- रेखा घर का काम भी करती थी, और ट्यूशन भी पढ़ाती थी. घर खर्च के लिए चार पैसे भी कमाती थी, लेकिन उसके बाद भी उसके ससुराल वाले दहेज के लिए उसे परेशान करते थे. ताना मारते थे, उसे पीटते थे. लेकिन रेखा जैसे-तैसे अपने दिन काट रही थी, वो सबकुछ सहन कर रही थी. लेकिन फिर 4 मार्च का वो दिन आया, जब सब खत्म हो गया.

dahej-3_750x500_030719053503.jpgशादी के वक्त की तस्वीर. रेखा अपने पूरे परिवार के साथ. मां, रेखा, भाई अर्जुन, और पिता. 

- अर्जुन ने हमें बताया कि 4 मार्च की रात 12 बजे रेखा के ससुराल से उन्हें कॉल आया. उसके पति और ससुर ने कहा कि रेखा की तबीयत खराब है. जब रेखा के घरवालों ने कहा कि वो अपनी बेटी से बात करना चाहते हैं, तो जवाब मिला कि रेखा अभी बेहोश है. आगे अर्जुन ने हमें बताया,

'हमने कई बार कहा कि रेखा से बात कराओ. कोई न कोई बहाना मारते रहे. रात 12 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक हमें फोन पर गोला देते रहे. फिर मेरे पापा टुन्ना गिरी एक-दो लोगों के साथ बेदौल के लिए निकल गए. वो 6.30 बजे करीब वहां पहुंचे. देखा कि रेखा मर चुकी है. हमने जब उसका शव मांगा, तो शव देने से भी मना कर दिया. फिर हमने जबरन रेखा का शव अपनी गाड़ी में डाल दिया. उस वक्त रेखा के पति और ससुर ने कहा कि हम उन्हें शव वापस दे दें, बदले में वो हमें 15 लाख कैश देंगे. हमें पैसे देने की कोशिश की. हमने पैसे नहीं लिए.'

- अर्जुन ने हमें बताया कि रेखा की बेटी, रुचि जो इस वक्त 4 साल की है. उससे जब टुन्ना गिरी ने पूछा कि उसकी मां को क्या हुआ? तब रुचि ने कहा, 'पापा और सबने मिलकर मम्मी को मार दिया.' दोपहर 12 बजे रेखा के पिता ने ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर कराई.

53276095_1016054658581035_4791285092431429632_n_750x500_030719053603.jpgरेखा घर का काम भी करती. और बच्चों को भी घर पर ट्यूशन पढ़ाती थी.

- हमने केस की अपडेट जानने के लिए पुलिस को कॉल किया. एसएसपी मुजफ्फरपुर ने हमें बताया कि केस में तीन लोग आरोपी हैं. रेखा के सास-ससुर, और पति. उन्होंने बताया कि रेखा के ससुर शिव नारायण की गिरफ्तारी हो गई है. वहीं उसकी सास और पति इस वक्त फरार है. उन्हें खोजा जा रहा है.

रेखा के शव का अंतिम संस्कार हो गया है. रेखा अब इस दुनिया में नहीं है. 'दहेज' ने एक और बेटी को निगल लिया. 'दहेज' ने एक बार फिर मां-बाप से उनकी बेटी को छीन लिया. दहेज ने एक बार फिर एक बच्ची से उसकी मां को छीन लिया. पता नहीं आखिर लोगों के मन से दहेज का लालच कब खत्म होगा?

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