Sponsored: घर के कामों में हाथ बंटाने वाला दामाद पसंद है, तो बेटा क्यों नहीं?

ऑडनारी ऑडनारी जून 05, 2019
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क्या होता है जब एक मां अपनी बेटी के लिए एक सपोर्टिव दामाद पाकर खुश होती है, लेकिन अपने बेटे के एक सपोर्टिव दामाद बनने पर नाराज़? समाज में ये चीज़ काफी गहरे पैठी हुई है, और यही दिखाता है घड़ी डिटर्जेंट का ये ऐड. ईद के त्योहार में एक मां अपनी बेटी के साथ घर का काम करता हुआ दामाद देख कर खुश होती है. लेकिन अपने घर वापस आकर वो जब यही चीज़ अपने बेटे को करते हुए देखती है, तो आपे से बाहर हो जाती है. ऐड दिखाता है कि किस तरह बेटी का पक्ष लेने वाली एक मां अपनी बहू के मामले में पत्थरदिल हो जाती है. अपने बेटे को झिड़क देती है कि वो अपनी पत्नी की मदद क्यों कर रहा है. ये नहीं देखती कि उसकी बहू कितना काम कर रही है. बस उसे ये दिखता है कि उसका बेटा ‘जोरू का ग़ुलाम’ बन गया है. मन में बैठा ये मैल धोना कितना ज़रूरी है, यही दिखाता है घड़ी डिटर्जेंट का ये विज्ञापन. देखें विडियो.

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